अब चकाचक होगा चौसा युद्ध मैदान
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :19 Jan 2016 4:51 AM (IST)
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पर्यटन स्थल बनाये जाने का प्रारंभिक काम हुआ पूरा चौसा : ऐतिहासिक शेरशाह विजय स्थली चौसा को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सरकार की तैयारी अब शुरू हो गयी है. इसके लिए 80 करोड़ का प्रस्ताव बना कर सरकार को भेजा गया है. विश्व प्रसिद्ध अफगानी शासक शेरशाह और मुगल बादशाह […]
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पर्यटन स्थल बनाये जाने का प्रारंभिक काम हुआ पूरा
चौसा : ऐतिहासिक शेरशाह विजय स्थली चौसा को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सरकार की तैयारी अब शुरू हो गयी है. इसके लिए 80 करोड़ का प्रस्ताव बना कर सरकार को भेजा गया है. विश्व प्रसिद्ध अफगानी शासक शेरशाह और मुगल बादशाह हुमायूं की युद्ध भूमि व शेरशाह की विजय स्थली का बहुत जल्द काया कल्प होनेवाला है.
सरकार के विशेष सचिव द्वारा जिला विकास शाखा, बक्सर से उक्त स्थली पर पर्यटन की संभावना को देखते हुए रिपोर्ट मांगे जाने पर प्रभारी पदाधिकारी जिला विकास शाखा के निर्देश के आलोक में बीडीओ अरविंद कुमार सिंह के निर्देश पर प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी संतोष कुमार सिंह के द्वारा प्रखंड के पर्यटक स्थल के रूप में मशहूर शेरशाह शूरी विजय स्थली चौसा को पर्यटक स्थल के रूप में सौंदर्यीकरण के लिए जांच करने के पश्चात उक्त युद्ध स्थली पर पर्यटन की दृष्टि से क्या-क्या संभावित कार्य किया जा सकता है, उसका प्रस्ताव डीएम को भेज दिया गया.
इन का कार्यों के लिए भेजी गयी बना कर सूची
चौसा युद्ध स्थली को विकसित करने के लिए शेरशाह विजय स्थल पहुंच पथ चौसा बक्सर मुख्य मार्ग पर बारामोड़ पर गेट निर्माण, पहुंच पथ से चौसा मैदान तक जानेवाली सड़क की पीसीसी ढलाई व दोनों तरफ नाली निर्माण, सड़क के दोनों तरफ स्ट्रीट लाइट, भूखंड का मापन कर सुनियोजित ढंग से चाहरदीवारी निर्माण, संग्रहालय, शौचालय, गेस्ट हाउस, पार्क का निर्माण, पेयजल की व्यवस्था,
शीलापट्ट पर शेरशाह और हुमायूं के बीच युद्ध का सचित्र नक्कासी करना, पर्यटन विभाग द्वारा खुदाई का कार्य समय सीमा में करवाते हुए चारों तरफ मनरेगा से पौधारोपण, रेलवे स्टेशन चौसा पर स्थल मार्ग एवं युद्ध स्तंभ का नक्कासी, मैदान पर पहुंचने के लिए रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड से पर्यटन विभाग से गाड़ी का संचालन करने आदि का अनुमानित करीब 80 करोड़ का प्रस्ताव जिला विकास शाखा को भेजा गया है.
क्या है इतिहास
26 जून 1539, चौसा के मैदान में मुगल साम्राज्य को शिकश्त देकर दिल्ली की गद्दी पर कब्जा जमानेवाले अफगानी शासक शेरशाह ने महज एक घंटे के युद्ध में मुगल शहंशाह हुमायूं को अपनी जान बचाने के लिए उफनती गंगा नदी में कूद कर भागने पर मजबूर कर दिया था.
जिला मुख्यालय से मात्र दस किलोमीटर पश्चिम बक्सर-सासाराम मुख्य मार्ग पर स्थित चौसा मैदान हिंदुस्तानी सल्तनत के तीन-तीन बादशाहों को बनते बिगड़ते देखा है़ अफसोस है कि आजतक इस एेतिहासिक धरोहर को संजोने का सफल प्रयास किसी सरकार ने नहीं की़ युद्ध मंे अपनी जान बचाने के लिए उफनती गंगा की लहरों के बीच डूब रहे हुमायूं को यहीं के रहनेवाले निजाम नाम के भिस्ती ने बचाया था़ इस एहसान के बदले हुमायूं ने निजाम को एक दिन के लिए दिल्ली के तख्त पर बैठाया था़ अपने एक दिन की बादशाहत में भिस्ती ने चमडे़ का सिक्का चलवा दिया.
हमारी मिट्टी पर वीरता की इबादत लिखनेवाले शेरशाह ने अपनी पांच वर्षों के शासनकाल में ग्रैंड ट्रंक रोड, सरायखाने, पौधारोपण तथा सिक्कों का प्रचलन कराने के साथ राजस्व वसूली, भूमि पैमाइश की खोज की, लेकिन आज तक इस युद्ध स्थली को सुरक्षित-संरक्षित रखने की कोई ठोस पहल नहीं हो सकी़
वर्ष 2013 में हुई थी खुदाई
सरकार द्वारा वर्ष 2013, में उक्त लड़ाई के मैदान के गढ़ की खुदाई करायी गयी, जिसमें से पाल व गुप्त वंश की प्राचीन मूर्तियां समेत ईसा पूर्व से करीब पांच हजार वर्ष पहले की मानव सभ्यता का अवशेष मिला था़
सीएम ने दिया था आश्वासन
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब वर्ष 2012 में बक्सर जिले के सेवा यात्रा पर आये थे, तो चौसा का गढ़ देखने गये थे़ उस समय युद्ध स्थली को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की बात कही थी और यहां म्यूजियम बना कर खुदाई में मिली वस्तुओं को रखने का भी भरोसा दिया था़ उक्त प्रस्ताव की मांग को मुख्यमंत्री की सेवा यात्रा के दौरान किये गये वादे को अमल में लाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है.
क्या कहते हैं पदाधिकारी
बीडीओ अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि चौसा युद्ध भूमि को पर्यटक स्थल के रूप में विकिसत करने के लिए सरकार ने संभावनाओं की रिपोर्ट की मांग की गयी है, जिसका प्रस्ताव बना कर जिला में भेज दिया गया है. वहीं, प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि शेरशाह शूरी विजय स्थली को पर्यटक स्थल के रूप में विकिसत करने के लिए सौंदर्यीकरण के लिए बिंदुवार प्रस्ताव अगस्त 2015 और जनवरी 2016 में जिला विकास शाखा में भेजी जा चुकी है. चौसा गढ़ को पर्यटक स्थल के रूप में विकिसत करने के लिए करीब 80 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है.
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