तालाब में पानी नहीं, कैसे होगी छठ

चौगाईं/केसठ : गांव में कहने के तो लगभग आधा दर्जन तालाब हैं, लेकिन सभी तालाब सूखे पड़े हैं. बस तालाब के नाम पर यादें तक रह गयी हैं. इस पर कभी भी जनप्रतिनिधियों का ध्यान नहीं जाता है. लिहाजा तालाब में पानी नहीं होने से छठ व्रतियों को चिंता सता रही है कि इस बार […]
चौगाईं/केसठ : गांव में कहने के तो लगभग आधा दर्जन तालाब हैं, लेकिन सभी तालाब सूखे पड़े हैं. बस तालाब के नाम पर यादें तक रह गयी हैं. इस पर कभी भी जनप्रतिनिधियों का ध्यान नहीं जाता है.
लिहाजा तालाब में पानी नहीं होने से छठ व्रतियों को चिंता सता रही है कि इस बार कैसे भगवान भास्कर को अर्घ पड़ेगा. सबसे खराब स्थिति स्व. लल्लू सिंह के पोखरा का है, जो बिल्कुल ही सूख गया है. इस तालाब पर विभिन्न गांवों से हजारों हजार की संख्या में लोग छठ करने के लिए आते हैं,
लेकिन तालाब में पानी नहीं होने के चलते छठव्रती चिंतित हैं. ये नहीं की सरकारी तौर पर तालाब की मरम्मत नहीं की गयी है, लेकिन मरम्मती के नाम पर जम कर खानापूर्ति की गयी है. जानकारी के अनुसार स्व. लल्लू सिंह के पोखरा के मरम्मती के नाम पर मनरेगा के द्वारा चार लाख 80 हजार की निकासी कर मरम्मती के नाम पर जम कर खानापूर्ति की गयी है.
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