सिंचाई के लिए जिले के नौ प्रखंडों में बनेंगे कृषि फीडर
Updated at : 14 Dec 2017 6:00 AM (IST)
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योजना. बिजली की रहेगी पर्याप्त व्यवस्था, नहीं होगी परेशानी जिले के किसानों के लिए एक अच्छी खबर है. पानी के अभाव में अब उनकी फसलें बर्बाद नहीं होंगी. साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी सभी प्रखंडों में कृषि फीडर बना रही है. यह प्रोजेक्ट लगभग 100 करोड़ का है. यहां पर किसानों को आवश्यकता के अनुसार […]
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योजना. बिजली की रहेगी पर्याप्त व्यवस्था, नहीं होगी परेशानी
जिले के किसानों के लिए एक अच्छी खबर है. पानी के अभाव में अब उनकी फसलें बर्बाद नहीं होंगी. साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी सभी प्रखंडों में कृषि फीडर बना रही है. यह प्रोजेक्ट लगभग 100 करोड़ का है. यहां पर किसानों को आवश्यकता के अनुसार बिजली की सप्लाई की जायेगी. जिससे पानी के अभाव में उनकी फसलें बर्बाद नहीं होगी.
बक्सर : किसानों की फसलें हमेशा खेतों में लहलहाती रहे इसके लिए साउथ बिहार पावर ड्रिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने जिले के सभी प्रखंडों में कृषि फीडर बना रही है. पहले चरण में जिले के नौ प्रखंड जिनमें इटाढ़ी, चौगाईं, चक्की, सिमरी, बक्सर, डुमरांव, चौसा, राजपुर, ब्रह्मपुर शामिल हैं. यहां पर जरूरत के अनुसार किसानों को हर समय बिजली मिलती रहेगी.
दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के तहत कृषि फीडर के माध्यम से किसानों को आठ घंटे बिजली उपलब्ध कराने की योजना है. इसके लिए कनेक्शन अलग से दिया जायेगा. प्रखंड वाइज सभी किसानों को बिजली उपलब्ध कराने के लिए कई फीडरों की जरूरत है. द्वितीय चरण में कृषि फीडरों की बढ़ोतरी होने पर प्रत्येक प्रखंड के सभी किसानों को कवर किया जा सकेगा. तब तक वैसे किसानों को अपना खेत सिंचाई करने के लिए इंतजार करना होगा.
कम से कम छह किसानों पर मिलेगा कनेक्शन : बिजली कंपनी अब हर घर को रोशन करने के बाद किसानों की फसलों को लहलहाती देखना चाहती है. इसके लिए कृषि फीडर बनाया जा रहा है. कृषि फीडर द्वारा कनेक्शन लेने के लिए कम से कम छह किसानों का आवेदन होना चाहिए. जिसके बाद वहां 25 केवीए का ट्रांसफॉर्मर लगाया जायेगा. जहां से उनके खेतों में पानी की सप्लाई होती रहेगी. पानी के अभाव में अब उनकी फसलें बर्बाद नहीं होगी.
पहले फेज में जिले के 9 प्रखंडों में बन रहे हैं कृषि फीडर
नावानगर और केसठ में भी जल्द होगा कृषि फीडर का निर्माण
दूसरे चरण में नावानगर और केसठ में होगा निर्माण
पहले चरण में जिले के नौ प्रखंडों में इसका निर्माण किया जा रहा है. जबकि दूसरे चरण में नावानगर और केसठ में कृषि फीडर का निर्माण किया जायेगा. तब तक यहां के किसानों को इंतजार करना पड़ेगा. जिले के एक तिहाई जमीन नहर से वंचित है. ऐसे में इन सब जगहों पर कृषि फीडर फसलों के लिए वरदान साबित होगा. किसान अपने सुविधा के अनुसार अपने खेतों को पानी दे सकते हैं.
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