तीन स्कूलों में आठ माह से नहीं बन रहा मध्याह्न भोजन

छात्राओं को सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. इन तीनों भवनहीन स्कूलों को विभाग द्वारा लापरवाही बरतते हुए गलत तरीके से राजकीय डीके कन्या मध्य विद्यालय में मर्ज कर दिया गया है. दोनों स्कूलों के संचालन हेड के अलग होने की वजह से ये तीनों विद्यालय मर्ज नहीं हो सकें. […]
छात्राओं को सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. इन तीनों भवनहीन स्कूलों को विभाग द्वारा लापरवाही बरतते हुए गलत तरीके से राजकीय डीके कन्या मध्य विद्यालय में मर्ज कर दिया गया है. दोनों स्कूलों के संचालन हेड के अलग होने की वजह से ये तीनों विद्यालय मर्ज नहीं हो सकें. सरकार की योजना के अनुसार भवनहीन विद्यालयों को समीप के भवनवाले स्कूलों में टैग करना था, जिसको देखते हुए विभाग के अधिकारियों ने बिना सोचे समझे राजकीय डीके कन्या मध्य विद्यालय में मर्ज कर दिया लेकिन गलत टैगिंग की वजह से तीनों विद्यालय मर्ज नहीं हो सके.
आज भी तीनों विद्यालयों राजकीय कन्या मध्य विद्यालय के प्रांगण में ही एक एक कमरे में संचालित हो रहे हैं. स्कूलों का अप्रैल माह से ही मध्याह्न बंद है. आठ माह बीत जाने के बाद भी इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापक लेटर पर लेटर विभाग को भेज रहे हैं लेकिन विभाग ने अब तक इन तीनों विद्यालयों को किसी विद्यालय के साथ टैग नहीं किया है और न ही इन बच्चों के मध्याह्न भोजन की व्यवस्था की गयी है. न्यायालय के आदेश को मानें तो हर हाल में बच्चों को पौष्टिक भोजन देना है. छात्र-छात्राएं अपने गुरुजनों से भी अंडा एवं फल की मांग पड़ोसी बच्चों को खाते देख करते हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




