125 नावों से होगी बाढ़ में गश्ती

Updated at : 08 Jul 2017 8:34 AM (IST)
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125 नावों से होगी बाढ़ में गश्ती

जिला प्रशासन को 31 जुलाई तक नावों को सौंपने का निर्देश बक्सर : बाढ़ आपदा से निबटने के लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है. जिले की करीब 13 पंचायतों में बाढ़ अपना तांडव दिखाती है. बाढ़ के कई इलाकों में संसाधनों के अभाव में प्रशासन के अधिकारी पीड़ितों तक नहीं पहुंच पाते हैं. […]

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जिला प्रशासन को 31 जुलाई तक नावों को सौंपने का निर्देश
बक्सर : बाढ़ आपदा से निबटने के लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है. जिले की करीब 13 पंचायतों में बाढ़ अपना तांडव दिखाती है. बाढ़ के कई इलाकों में संसाधनों के अभाव में प्रशासन के अधिकारी पीड़ितों तक नहीं पहुंच पाते हैं. इस बात को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने इस बार 125 नावों का टेंडर किया है, जिसमें 25 बड़ी व सौ मझौली नावें हैं. संवेदक को 31 जुलाई तक नयी नावों को जिला प्रशासन को सौंप देना है. इसके साथ ही जिला प्रशासन ने सूखा भोजन का भी टेंडर कर दिया है, ताकि बाढ़ आपदा के दौरान पीड़ितों को सूखा भोजन देकर उन्हें मदद पहुंचायी जा सके. इसके साथ ही महाजाल, पॉलीथिन सीट आदि की खरीदारी की जा रही है.
100 मझौली नावें भी हैं शामिल : विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बाढ़ आपदा से निबटने के लिए 125 नावों की खरीद के लिए टेंडर हुआ है, जिसमें 100 मझौली नावें हैं. एक नाव की कीमत लगभग 97 हजार रुपये है. वहीं, 25 बड़ी नावों की खरीद की जा रही है. इसकी कीमत करीब एक लाख 29 हजार रुपये है. पूर्व में जिला प्रशासन आम लोगों की नावों का निबंधन कर इनका उपयोग करता था. ये नावें छोटी होती थीं, जो नदी के अंदर तक जाने में सक्षम नहीं होती थीं. ऐसे में बांध के दूर-दराज इलाके में रहनेवाले लोगों तक समूचित सुविधा नहीं पहुंच पाती थी. साथ ही छोटी नावों के दुर्घटना होने की संभवना अधिक होती थी. बड़ी नावों के माध्यम से नदी की मजधार तक आसानी से जाया जा सकता है. साथ ही इनसे दुर्घटना की संभावना कम होती है.
सूखे भोजन की भी प्रशासन ने की व्यवस्था : बाढ़ आपदा के दौरान पीड़ितों के बीच सूखे भोजन जैसे चूड़ा, गुड़, सत्तू आदि का वितरण किया जाता है, जो अधिक दिनों तक खराब नहीं होता है. साथ ही आसानी से पीड़ितों तक पहुंचाया जा सकता है. इस बात को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने इसका भी टेंडर कर दिया है. साथ ही जिला प्रशासन ने संवेदक का सख्त निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ आपदा आते ही सूखा भोजन की व्यवस्था करा दें.
जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ क्षेत्र के संभावित परिवारों की सूची भी संवेदक को दे दी गयी है, ताकि उसी के अनुरूप अपनी तैयारी रखें. इसके साथ ही जिला प्रशासन की ओर से महाजाल खरीदने की तैयारी की जा रही है. पूर्व से जिला में चार महाजाल मौजूद था. अतिरिक्त तीन अन्य महाजाल भी खरीदा जा रहा है, ताकि विकट परिस्थितियों में इनका उपयोग हो सके. साथ पॉलीथिन सीट की भी खरीदारी की जा रही है, ताकि बाढ़ में बारिश के समय पीड़ितों को बचाव के लिए दिया जा सके.
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