बाढ़ से घिरे लोगों का नौका अस्पताल में होगा इलाज

Updated at : 19 Jun 2017 4:20 AM (IST)
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बाढ़ से घिरे लोगों का नौका अस्पताल में होगा इलाज

तैयारी शुरू. नौका पर ही मिलेंगी सभी जरूरी दवाइयां बक्सर : पिछले सीजन में बाढ़ की विभीषिका के दौरान स्वास्थ्य संबंधी उत्पन्न हुईं समस्याओं से सबक लेते हुए राज्य स्वास्थ्य विभाग ने जिलों को बाढ़ पूर्व तैयारियां मुकम्मल कर लेने का निर्देश दिया है. सरकार के निर्देश पर जिला स्वास्थ्य विभाग इस बार बाढ़ से […]

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तैयारी शुरू. नौका पर ही मिलेंगी सभी जरूरी दवाइयां

बक्सर : पिछले सीजन में बाढ़ की विभीषिका के दौरान स्वास्थ्य संबंधी उत्पन्न हुईं समस्याओं से सबक लेते हुए राज्य स्वास्थ्य विभाग ने जिलों को बाढ़ पूर्व तैयारियां मुकम्मल कर लेने का निर्देश दिया है. सरकार के निर्देश पर जिला स्वास्थ्य विभाग इस बार बाढ़ से घिरी आबादी तक पहुंच कर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने की तैयारी शुरू कर दी है. बाढ़ के दौरान लोगों को इलाज के लिए अस्पताल अथवा लगाये गये शिविर में आने के लिए जद्दोजहद नहीं करनी पड़ेगी.
मेडिकल स्टाफ खुद ही वहां पहुंच कर लोगों का इलाज करेंगे. बाढ़ ग्रसित एरिया में इस बार नौका अस्पताल, नौका औषधालय, नौका एंबुलेंस दौड़ता हुआ नजर आयेगा. गर्भवती महिलाओं के प्रसव के लिए नौका अस्पताल में मेटरनिटी हट डिलेवरी किट की व्यवस्था रहेगी. जहां जरूरत होगी, वहीं मेटरनिटी हट (नाव पर लगनेवाली प्रसव झोंपड़ी) लगा कर प्रशिक्षित महिला नर्स अथवा डॉक्टर महिलाओं की डिलेवरी करायेंगी.
जरूरत पड़ने पर नौका एंबुलेंस की सुविधा : बाढ़ के दौरान भोजन, पानी से कहीं ज्यादा इलाज और दवाओं की समस्या उत्पन्न होती है. शुद्ध पेयजल के अभाव में डायरिया, जलजनित बीमारी के अलावा महामारी, सांप-बिच्छुओं के काटने से बाढ़ से घिरे लोग काल-कलवित होते हैं. बाढ़ से बुरी तरह घिरे लोगों को राहत शिविर में लगे हेल्थ कैंप अथवा अस्पताल तक पहुंचना मुश्किल होता है. नावों के लिए मारामारी की स्थिति रहती है. इन परेशानियों को देखते हुए इस बार नौका एंबुलेंस, नौका अस्पताल, नौका औषधालय की कई टीम बाढ़ पीड़ित इलाकों में सक्रिय रहेगी. बाढ़ से घिरी आबादी के बीच जाकर मेडिकल स्टाफ मरीजों का इलाज करेंगे और उन्हें दवाइयां देंगे.
बाढ़ पूर्व तैयारियों में जुटा स्वास्थ्य विभाग : डीएम के निर्देशानुसार जिला स्वास्थ्य विभाग बाढ़ से उत्पन्न होनेवाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निबटने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं. लोगों का इलाज लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए चिह्नित इलाकों के लिए अलग-अलग मेडिकल टीमें गठित की जा रही हैं. बाढ़ के दौरान संभावित बीमारियों के इलाज के लिए पूर्व के अनुभवों के आधार पर ओआरएस, पांच प्रतिशत ग्लूकोज स्लाइन, एनएस, रिंगर लैक्टेट, कोट्राइमेक्साजोल, टेट्रासाइक्लिन, इरीथ्रीमाइसीन, मेट्रोनिडाजोल, फ्यूराजोलीडीन, मेबेंडाजोल, एंटी इमेटिन दवा, ट्रांसफ्यूजन सेट, कॉटन, स्प्रीट, डेक्सामेथासोन, सर्पदंश के उपचार के लिए एएसवीएस, नवजात शिशुओं के लिए नियमित टीकाकरण की व्यवस्था, डिलेवरी किट, मैटरनिटी हट, कुत्ता, सियार काटने के उपचार के एंटी रेविज वैक्सिन आदि जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है.
जिला स्तर पर महामारी रोकथाम समिति गठित : बाढ़ एवं उससे उत्पन्न जल जनित बीमारियों की रोकथाम, बीमारियों से ग्रसित लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से पहुंचाने के लिए जिला स्तर पर डीएम रमण कुमार की अध्यक्षता में महामारी रोकथाम समिति गठित है. समिति में डीडीसी मोबिन अली अंसारी, एसपी उपेंद्र कुमार शर्मा, सिविल सर्जन डाॅ बीके सिंह, जिला आपूर्ति पदाधिकारी शिशिर कुमार के अलावा जिला आपदा प्रभारी, पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता सदस्य हैं. समिति को बाढ़ संभावित इलाकों के अलावा बाढ़, जलजमाव से उत्पन्न होनेवाली बीमारियों के संभावित क्षेत्रों का पूर्व के आधार पर चिह्नित कर हर संभव सभी तरह की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है.
पीएचइडी को शुद्ध पेयजल की जिम्मेदारी : मानसून की बारिश शुरू होने के साथ ही जलजनित बीमारियों को फैलाव शुरू हो जाता है. दूषित जल के उपयोग से इस तरह की समस्याएं उत्पन्न होती हैं. इसे देखते हुए पीएचइडी को बाढ़ माॅनसून की बारिश शुरू होने से पूर्व ही जलस्रोतों की गुणवत्ता बनाये रखने की जिम्मेवारी दी गयी है.
अलर्ट से हरकत में जिला प्रशासन
जून माह के दूसरे-तीसरे सप्ताह में बिहार में मानसून का प्रवेश हिमालयी क्षेत्र नेपाल में भारी बारिश होने के साथ ही गंगा-गंडक अन्य नदियां बाढ़ लेकर आती है. पिछले साल 10 जुलाई के बाद बाढ़ लेकर आयी गंगा-गंडक ने पिछले 50 वर्षों का रिकार्ड तोड़ डाला था. राज्य स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ की आशंका को देखते हुए बक्सर जिला प्रशासन को अलर्ट कर दिया है. बाढ़ के दिनों में स्वास्थ्य संबंधी होनेवाली समस्याओं को देखते हुए राज्य ने जिला स्वास्थ्य विभाग को अपनी ओर से सभी आवश्यक तैयारियां बाढ़ आने से पहले ही कर लेने के निर्देश दिए हैं. अलर्ट पर जिला प्रशासन जिला स्वास्थ्य विभाग मुस्तैदी से बाढ़ की समस्याओं से निबटने की तैयारी में जुटा है.
तैयारियां पूरी हो गयी हैं
बाढ़ के दौरान लोगों के इलाज, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को देखते हुए विभागीय स्तर पर लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. कुछ दवाओं की कमी है इसके लिए पहले ही निविदा निकाली जा चुकी है. शीघ्र ही टेंडर होगा. जरूरत के अनुसार सीधे भी दवाइओं की खरीद कर ली जायेगी.
डॉ बृजकिशोर सिंह, सिविल सर्जन
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