सफाई बेहतर, स्वास्थ्य सुविधाएं फिसड्डी

चौसा : चौसा पीएचसी में सफाई की बेहतर व्यवस्था है, लेकिन स्वास्थ्य सुविधाएं फिसड्डी हैं. बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने के कारण मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे जगह जाना पड़ता है. प्रतिमाह ढाई से तीन हजार मरीजों का उपचार करनेवाले इस पीएचसी में विगत छह माह से महिला डाॅक्टर का पद रिक्त है, […]
चौसा : चौसा पीएचसी में सफाई की बेहतर व्यवस्था है, लेकिन स्वास्थ्य सुविधाएं फिसड्डी हैं. बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने के कारण मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे जगह जाना पड़ता है. प्रतिमाह ढाई से तीन हजार मरीजों का उपचार करनेवाले इस पीएचसी में विगत छह माह से महिला डाॅक्टर का पद रिक्त है, जिससे क्षेत्र की महिला मरीजों का उपचार समुचित ढंग से नहीं हो पाता है.
राशि के अभाव में विगत दो सप्ताह से एक्स-रे की सुविधा बंद है. पीएचसी में तीन डाॅक्टरों की तैनातीवाले इस पीएचसी में ड्रेसर,ओटी एसिस्टेंट व महिला कक्ष सेवक का पद वर्षो से रिक्त रहने के चलते इनका कार्य अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को करना पड़ता है. पांच माह से मरीजों को नाश्ता व भोजन नहीं मिल रहा है. दवाएं भी मरीजों की संख्या के अनुरूप नहीं उपलब्ध हो पाती हैं, जिससे दवा आने के कुछ दिन बाद ही समाप्त हो जाती है. बताया जाता है कि बिहार-यूपी सीमा सटा होने के कारण यूपी के दर्जनों मरीज प्रतिदिन यहां उपचार के लिए आते हैं. खासकर एंटी रैबीज वैक्सीन व कफ सिरफ के लिए. पीएचसी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि खांसी का कफ सीरफ समाप्त होते ही अचानक मरीजों की संख्या में गिरावट आ जाती है.
महिला विशेषज्ञ डाॅक्टर का पद छह माह से है रिक्त : पीएचसी में प्रतिदिन तीस से पैंतीस महिला मरीज इलाज को आती हैं, लेकिन यहां महिला डाॅक्टर के नहीं रहने के चलते उनका समुचित इलाज नहीं हो पाता है और उन्हें बेहतर उपचार के लिए या तो निजी महिला डाॅक्टरों के यहां जाना पड़ता है अथवा सदर अस्पताल में.
33 में 24 दवाएं ही उपलब्ध हैं ओपीडी में : पीएचसी चौसा में सभी मरीजों को मुफ्त में दवाएं मिलती हैं.ओपीडी में 33 दवाओं में से मात्र 24 प्रकार की दवाएं ही उपलब्ध हैं, जिसमें एंटीबायोटिक टैबलेट नहीं है. वहीं इन डोर में 112 दवाओं में 54 प्रकार की दवाएं ही इन दिनों उपलब्ध हैं.पीएचसी में सातों दिन इमरजेंसी सेवा बहाल है और चिकित्सक मौजूद रहते हैं.
राशि के अभाव में एक्स-रे जांच है बंद : पीएचसी में पैथोलाॅजी जांच में एचआइवी, ब्लड शुगर, यूरीन, ब्लड यूरिया, बीलरुबीन, वीडीआरएल, हीमोग्लोबिन समेत 13 प्रकार की जांच नि:शुल्क होती है, लेकिन मलेरिया कीट समाप्त होने के चलते फिलहाल नहीं हो पा रहा है. वहीं राशि के अभाव में पिछले दो सप्ताह से एक्स-रे जांच की सेवा बंद है.
अस्पताल पर एक नजर
कुल डॉक्टरों का पद-3, सभी मौजूद
लेडी डॉक्टर का पद-1, 0 नहीं
मरीजों के लिए बेड-6, सभी ठीक
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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