छपरा में अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर, एनजीटी ने दिये खनुआ नाले पर बने 186 दुकानों को तोड़ने के आदेश

Edited by Ashish Jha
Updated:
विज्ञापन

लगभग दो साल के बाद जिला प्रशासन ने एक बार फिर से खनुआ नाले पर बने दुकानों पर कार्रवाई शुरू की है. नाले के ऊपर अवैध रूप में बनाये गये कुल 186 दुकानों को तोड़ा जा रहा है. प्रशासन की कार्रवाई से नाराज दुकानदार कहते हैं कि हमारी दुकानें तोड़ी जा रही हैं.

विज्ञापन

छपरा. सारण जिले में एक बार फिर जिला प्रशासन का बुलडोजर चला है. लगभग दो साल के बाद जिला प्रशासन ने एक बार फिर से खनुआ नाले पर बने दुकानों पर कार्रवाई शुरू की है. नाले के ऊपर अवैध रूप में बनाये गये कुल 186 दुकानों को तोड़ा जा रहा है. प्रशासन की कार्रवाई से नाराज दुकानदार कहते हैं कि हमारी दुकानें तोड़ी जा रही हैं. मैं पूछना चाहूंगा कि जो लोग बेरोजगार हुए हैं, उनके लिए सरकार क्या कर रही है. मेरी दुकान यहां दस साल से थी, जिसे तोड़ दिया है. इधर, प्रशासन का कहना है कि बार बार नोटिस देने के बावजूद ये लोग अवैध रूप से दुकानों का निर्माण कर रखा था. प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई एनजीटी ने आदेश के बाद की जा रही है.

खनुआ नाले पर बने दुकानों पर चला बुलडोजर

जानकारी के अनुसार भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी दुकानों को तोड़ा जा रहा है. इसके लिए जिला प्रशासन ने सभी दुकानदारों को पहले नोटिस जारी किया था और नोटिस जारी करने के बाद गुरुवार को इन दुकानों को तोड़ा गया है. इसकी शुरुआत साढा ओवर ब्रिज के नीचे से की गई. जानकारी के अनुसार मौना चौक होते हुए करीम चक तक बनी सभी अवैध दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है.

क्या है पूरा मामला?

हथुआ महाराज के समय ही छपरा शहर में खनुआ नाला का निर्माण किया गया था. जिससे सरयू नदी के पानी को दियारा इलाके में भेजा जा सके और शहर के पानी का निष्कासन इसी नाले से होता था, जो सरयू नदी में जाकर मिलता था. आज से लगभग 20 से 25 साल पहले सारण जिला के तत्कालीन डीएम आरके श्रीवास्तव ने खनुआ के ऊपर दुकानों का निर्माण करवा दिया. इसका एलॉटमेंट दुकानदारों को कर दिया गया. तब से आज तक यह दुकानदार इस पर काबिज थे और बाकायदा नगर निगम इन दुकानों से किराया भी वसूलता रहा है.

186 दुकानों पर प्रशासन का बुलडोजर

इसके बाद कुछ लोगों के द्वारा यह मामला एनजीटी में उठाया गया और एनजीटी ने आदेश दिया कि खनुआ नाला को उसके मूल स्वरूप में लाया जाए और इसका जीर्णोद्धार किया जाए. उसके बाद लगभग 100 दुकानों को आज से 2 साल पूर्व तोड़ दिया गया था और आज एक बार फिर बाकी बची 186 दुकानों पर प्रशासन का बुलडोजर चला है. यहां पर भारी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच यह कार्रवाई हो रही है. हालांकि विस्थापितों ने कहा कि उनके सामने भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो गई है.

विज्ञापन
Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन