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बीआरएबीयू: स्नातक परीक्षा के कारण नहीं बाधित होगी पढ़ाई, जरूरत पड़ने पर चलेगी ऑनलाइन क्लास

Updated at : 14 May 2023 1:08 AM (IST)
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बीआरएबीयू: स्नातक परीक्षा के कारण नहीं बाधित होगी पढ़ाई, जरूरत पड़ने पर चलेगी ऑनलाइन क्लास

सत्र नियमित करने के लिए विश्वविद्यालय की ओर से परीक्षाओं का कार्यक्रम मई और जून में तैयार किया गया है. परीक्षा के दौरान कॉलेज बंद रहेंगे, तो अन्य सत्र के विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो जायेगी. इसका असर परिणाम पर भी पड़ेगा. ऐसे में पाठ्यक्रम पूरा हो जाये, इसको लेकर योजना तैयार की गयी है.

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मुजफ्फरपुर: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में अगले दो महीने तक लगातार परीक्षाएं आयोजित की जायेंगी. वहीं, परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होने दी जायेगी. इसको लेकर विश्वविद्यालय की ओर से सभी अंगीभूत कॉलेजों के प्राचार्यों को निर्देश दिया गया है. डीएसडब्ल्यू प्रो अभय कुमार सिंह ने प्राचार्यों को पत्र भेजकर कहा है कि जो शिक्षक परीक्षा में ड्यूटी नहीं करेंगे, वे अन्य सत्र के विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम पूरा करायेंगे. इसके लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन क्लास लेने को कहा गया है. दरअसल, सत्र नियमित करने के लिए विश्वविद्यालय की ओर से कई परीक्षाओं का कार्यक्रम मई और जून में तैयार किया गया है. परीक्षा के दौरान कॉलेज बंद रहेंगे, तो अन्य सत्र के विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो जायेगी. इसका असर परिणाम पर भी पड़ेगा. ऐसे में विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम पूरा हो जाये, इसको लेकर योजना तैयार की गयी है. जो शिक्षक परीक्षा में ड्यूटी नहीं करेंगे, उन्हें अन्य सत्र के विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम पूरा कराने की जिम्मेदारी दी गयी है. कॉलेज में जगह नहीं होने पर वे ऑनलाइन क्लास लेकर पाठ्यक्रम पूरा करायेंगे.

कल से 46 कॉलेजों में शुरू हो रही स्नातक द्वितीय वर्ष की परीक्षा

विश्वविद्यालय की नयी योजना सोमवार से ही प्रभावी हो जायेगी. स्नातक सत्र 2020-23 के द्वितीय वर्ष की परीक्षा 15 से 30 मई तक होनी है. पांच जिलों में 46 कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है. इसमें 1.15 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे. सभी केंद्रों पर परीक्षार्थियों की संख्या के अनुसार शिक्षकों की ड्यूटी लगायी गयी है. वहीं, जून में स्नातक सत्र 2022-25 के प्रथम वर्ष की परीक्षा शुरू होगी. इसके लिए मई के अंतिम हफ्ते से परीक्षा फॉर्म भरवाया जायेगा. अब तक परीक्षा के दौरान कॉलेजों में शिक्षण कार्य पूरी तरह ठप हो जाता था. लेकिन, इस बार परीक्षा के साथ-साथ शिक्षण कार्य भी चलता रहेगा. स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं का नामांकन पिछले साल दिसंबर तक लिया गया है. इसके चलते कई कॉलेजों में पाठ्यक्रम पूरा भी नहीं हो सका है.

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मॉडल सेट नहीं बनने से छात्र परेशान

एक ओर विश्वविद्यालय ने लगातार परीक्षाएं शुरू कर दी हैं, तो दूसरी ओर से मॉडल सेट नहीं बनने से छात्र परेशान हैं. दिसंबर में ही विश्वविद्यालय की ओर से सभी विभाग और काॅलेजों को मॉडल सेट बनाने का निर्देश दिया गया था. कहा गया था कि उसी के अंदर से परीक्षा में सवाल भी पूछे जायेंगे. लेकिन, दो-तीन विभागों को छोड़कर किसी ने रुचि नहीं दिखायी. कुछ विभागों ने मॉडल सेट बनाकर खुद ही बच्चों को दे दिया. परीक्षा विभाग को कोई जानकारी नहीं होने से प्रश्नपत्र तैयार करने में उसका उपयोग नहीं हो सका.

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