बोचहां सीट से भाजपा ने बेबी को दिया टिकट, सहनी को अब सहन नहीं करेगी भाजपा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 18 Mar 2022 8:19 PM
2020 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने सीटिंग विधायक बेबी कुमारी का टिकट काटकर वीआईपी को ये सीट दी थी, लेकिन मुकेश सहनी ने भाजपा के साथ धोखाधड़ी की. ऐसे में अब उन्हें कोई मौक़ा नहीं दिया जायेगा.
पटना. बिहार में मुकेश सहनी की पार्टी वीआइपी के विधायक के निधन से ख़ाली हुई बोचहां विधानसभा सीट पर हो रहे उप चुनाव में भाजपा ने अपने उम्मीदवार के नाम का एलान कर दिया है. मुकेश सहनी का कोई नोटिस लिये बग़ैर भाजपा ने अपने उम्मीदवार के नाम का एलान कर दिया है.
भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने आज एलान किया कि बेबी कुमारी बोचहां सीट से पार्टी की उम्मीदवार होंगी. बेबी कुमारी यहां से पहले भी विधायक रह चुकी है. इस सीट से मुकेश सहनी की पार्टी के विधायक मुसाफ़िर पासवान हुआ करते थे, लेकिन उनके निधन से सीट ख़ाली हुई थी. चुनाव आयोग ने यहाँ उपचुनाव का एलान किया है. भाजपा के इस फैसले पर जीतन राम मांझी की पार्टी हम ने सवाल उठाया है. पार्टी प्रवक्ता डॉ दानिश रिजवान ने कहा है कि भाजपा ने बोचहां से उम्मीदवार उतार कर परंपराओं की अनदेखी की है. बोचहां सीट VIP की थी और उसी की होनी चाहिए थी.
उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराने की मुहिम छेड़ने वाले मुकेश सहनी को अब भाजपा ने हैसियत बताना शुरू कर दी है. भाजपा ने इस सीट से अपना उम्मीदवार उतार दिया है. भाजपा के स्थानीय नेता पहले से ही कह रहे थे कि बोचहां से अपना उम्मीदवार उतारेंगे. उनका कहना था कि 2020 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने सीटिंग विधायक बेबी कुमारी का टिकट काटकर वीआईपी को ये सीट दी थी, लेकिन मुकेश सहनी ने भाजपा के साथ धोखाधड़ी की. ऐसे में अब उन्हें कोई मौक़ा नहीं दिया जायेगा.
बोचहां सीट पर भाजपा की ओर से उम्मीदवार देने के बाद अब खतरा मुकेश सहनी की मंत्री की कुर्सी पर भी है. मुकेश सहनी पिछला विधानसभा चुनाव तक हार गये थे, लेकिन भाजपा ने उन्हें विधान परिषद का सदस्य बना कर मंत्री बनवाया था. भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल कहते हैं कि मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश में जो किया है उसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. मुकेश सहनी को यूपी में अपनी पार्टी के लिए उम्मीदवार तक नहीं मिला, लेकिन वे हेलीकॉप्टर से घूम कर भाजपा को हराने की मुहिम चला रहे थे.
उनका कहना है कि जिस मुकेश सहनी को तेजस्वी यादव ने एक सीट भी देने लायक़ नहीं समझा था, उसे भाजपा ने सम्मान दिया, लेकिन मुकेश सहनी भस्मासुर बनने की कोशिश करने लगे. यूपी में उन्होंने खुलेआम समाजवादी पार्टी के लिए काम किया. वहां वोटरों ने कोई नोटिस नहीं लिया, तो बिहार में आकर विधान परिषद की 24 सीटों के लिए हो रहे चुनाव में भाजपा के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया. भाजपा विधायक ने कहा कि अब पार्टी किसी सूरत में मुकेश सहनी की धोखाधड़ी को बर्दाश्त नहीं करेगी.
भाजपा विधायक ने कहा कि एक दो महीने में मुकेश सहनी की विधान परिषद की सदस्यता ख़त्म होने वाली है. भाजपा ने पिछले दफे सहनी को विधान परिषद बनाया था. अब उन्हें विधान परिषद भेजने का सवाल ही नहीं उठता. ऐसे में एक दो महीने में उनकी मंत्री की कुर्सी भी जायेगी. भाजपा के एक नेता ने बताया कि यूपी चुनाव के बाद मुकेश सहनी भाजपा के एक शीर्षस्थ नेता के पास फ़ोन कर मंत्री बने रहने देने की गुहार लगा रहे थे. लेकिन अब से असंभव हो चुका है.
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