इस्लामपुर (नालंदा). इस्लामपुर नगर परिषद बोर्ड की बैठक में कथित रूप से गलत ढंग से सफाईकर्मियों व जमादार एवं कुछ कार्यालय कर्मियों की हुई बहाली को लेकर जमकर हंगामा हुआ. वार्ड पार्षदों ने आरोप लगाया कि बिना विज्ञापन और लोक सूचना के नियमों को ताक पर रखकर मनमानी बहाली की गयी है. पार्षदों का कहना था कि नगर परिषद लंबे समय से विवादों में घिरा रहा है और जिस अनियमित बहाली की आशंका थी, वह अब सही साबित हो रही है. बोर्ड की बैठक केंद्रीय विकास योजनाओं, नव विस्तारित वार्डों की समीक्षा और निविदित कार्यों की समीक्षा के लिए बुलायी गयी थी. बैठक के दौरान वार्ड पार्षदों ने सामूहिक रूप से बहाली को रद्द करने का प्रस्ताव रखा, लेकिन कार्यपालक पदाधिकारी पूजा माला ने बहुमत का हवाला देते हुए प्रस्ताव को खारिज कर दिया. पार्षदों ने इसे नियमों की अनदेखी बतायी और कहा कि बहुमत का अर्थ कानून को दरकिनार करना नहीं होता है. पार्षदों ने आरोप लगाया कि बैठक में एजेंडों से संबंधित सवाल पूछने पर कार्यपालक पदाधिकारी ने जानकारी नहीं होने की बात कही और आगामी बैठक में जवाब देने का आश्वासन देकर बैठक समाप्त कर दी. इससे नाराज पार्षदों ने कहा कि बोर्ड की बैठक केवल खानापूर्ति और कोरम पूरा करने के लिए बुलायी जाती है. वार्ड पार्षद स्वाति देवी, पुष्पा देवी, रीता देवी, मो. फिरोज आलम, सानिया गुप्ता, टिंकू यादव, कृष्ण कुमार, चिंता देवी, संगीता कुमारी, जेनी जस्मिन सहित कई पार्षदों ने नगर परिषद कार्यालय में अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया. पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि उनके सवालों का विधिसम्मत और संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो वे उच्च अधिकारियों और नगर विकास मंत्री से मिलकर शिकायत करेंगे. इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी पूजा माला ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है. वरीय पदाधिकारी से दिशा निर्देश एवं जांच के उपरांत आगे की कार्रवाई की जायेगी.
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