हिलसा. भाकपा माले प्रखंड कमेटी ने मंगलवार को प्रखंड और अंचल कार्यालय हिलसा के सामने एक दिवसीय धरना दिया. धरना की अध्यक्षता प्रखंड कमेटी और कॉमरेड सुरेंद्र राम ने की, जबकि संचालन शिव शंकर प्रसाद ने किया. धरना को संबोधित करते हुए माले जिला सचिव सुरेंद्र राम ने कहा कि बिहार में अतिक्रमण हटाने के नाम पर सरकार गरीब और भूमिहीन लोगों को उजाड़ रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि भाकपा माले इस उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं करेगी और सरकार से मांग की कि गरीबों को उजाड़ने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की जाये. उन्होंने कहा कि चुनाव के समय गरीबों को 10,000 रुपये दिये जाते हैं, लेकिन अब वही गरीब उजाड़े जा रहे हैं. प्रखंड सचिव अरुण यादव ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि मनरेगा योजना को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है. जिला कमेटी सदस्य चुन्नू चंद्रवंशी ने नगर परिषद हिलसा के वार्ड नंबर 10 में महादलित मांझी जाति पर हो रहे अत्याचार के मामले में प्रशासन से कार्रवाई की मांग की. धरने में शिव शंकर प्रसाद ने मजदूरों के अधिकारों की रक्षा और चार श्रमिक बिलों को वापस लेने की भी मांग की. धरने के बाद बीडीओ और सीओ को 10 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया. भाकपा माले ने स्पष्ट किया कि वे जमीन और गरीबों के अधिकारों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं. धरने में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष शामिल हुए, जिनमें कमेटी सदस्य चुन्नू चंद्रवंशी, संजय पासवान, मुन्नीलाल यादव, शैलेश यादव, दिनेश यादव, कैलेंडर पासवान, भीम प्रसाद, अशोक पासवान, राजेन्द्र दास, आशा देवी और सुनीता देवी प्रमुख रूप से उपस्थित थे.
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