Biharsharif News : पटना में मारे गये बैंक डकैती के आरोपित अमन शुक्ला के गांव मलावां में पसरा मातमी सन्नाटा
Updated at : 06 Jan 2026 11:03 PM (IST)
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अपराधियों की गोली से पटना में मारे गये बड़ी मलावां गांव निवासी स्व. शिवकुमार शुक्ला के 38 वर्षीय पुत्र अमन शुक्ला उर्फ सत्यम उर्फ अमित कुमार के पैतृक घर में मातमी सन्नाटा छा गया है.
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सरमेरा थाना क्षेत्र के बड़ी मलावां गांव का रहने वाला था
विपिन कुमार, सरमेरा (नालंदा)
अपराधियों की गोली से पटना में मारे गये बड़ी मलावां गांव निवासी स्व. शिवकुमार शुक्ला के 38 वर्षीय पुत्र अमन शुक्ला उर्फ सत्यम उर्फ अमित कुमार के पैतृक घर में मातमी सन्नाटा छा गया है. अमन के बड़े भाई अश्वनी शुक्ला अपने परिवार के साथ घर पर ताला जड़कर गांव से बाहर चले गये हैं. मृतक का पिता वर्षों पूर्व मुंगेर के थाने में सिपाही के पद से रिटायर हुए थे और रिटायरमेंट के बाद अपने गांव में ही रह रहे थे. रिटायरमेंट से पहले अपने आठ पुत्रों और दो पुत्रियों सहित परिवार के संग मुंगेर में रहते थे, जहां सभी बच्चों का जन्म और पालन-पोषण हुआ. गांव में अपने उपनाम शुक्ला जी के नाम से मशहूर बड़े भाई को मुंगेर के डाक विभाग में हेडब्रांच (जीपीओ) में सर्विस मिल गयी थी, जिसके कारण उन्होंने वहीं अपना बसेरा बनाया और परिवार व बच्चों के साथ वहीं रह रहे हैं. इसके अलावा अन्य भाई संतोष शुक्ला, अंजनी शुक्ला, पवन शुक्ला, आनंद शुक्ला और कलटू शुक्ला भी अपने-अपने प्रदेशों में परिवार के साथ रहते हैं. गांव में रह रहे मंझिले भाई के घर शादी-ब्याह और अन्य कार्यक्रमों में आना-जाना होता है. दो बड़ी बहनें शादीशुदा होने के कारण अपनी ससुराल में रहती हैं. मृतक की मां की मृत्यु लगभग 15 वर्ष पहले और पिता की मृत्यु आठ वर्ष पहले हुई थी. अमन शुक्ला का जन्म और पालन-पोषण मुंगेर में हुआ, लेकिन पटना में अपने कैरियर के दौरान वह अपराध की दुनिया में प्रवेश कर गया. गांव वालों को इसके बारे में पता तब चला, जब 22 जून, 2020 को पटना के बेऊर स्थित पीएनबी शाखा में 52 लाख रुपये की बैंक डकैती का खुलासा पुलिस ने किया. इस घटना के बाद अमन की आपराधिक गतिविधियों के बारे में गांव में चर्चा शुरू हुई. ग्राम वासियों में सस्पेंस की स्थिति बनी हुई है. चर्चाओं के अनुसार यह आशंका जतायी जा रही है कि बैंक डकैती में साथ रहे साथियों ने ही कहीं अमन की हत्या को अंजाम तो नहीं दिया. क्योंकि डकैती में लूटी गयी पूरी रकम पुलिस बरामद नहीं कर सकी थी, और ग्रामीण मानते हैं कि बचे हुए धन की बंटवारे को लेकर यह घटना हो सकती है. वर्तमान में यह सस्पेंस बरकरार है और सभी आशंकाओं का निष्कर्ष अनुसंधान पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगा. ग्रामीण और परिवारजन शोकाकुल हैं और अमन की मौत ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है. मामले की जांच पटना पुलिस द्वारा लगातार जारी है और पुलिस इस घटना में शामिल सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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