हिलसा. पीएम आवास योजना में भ्रष्टाचार के मामले में जिला प्रशासन की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गयी है. हिलसा नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 10 की महादलित लाभुक सुमन्ता देवी के पीएम आवास का निर्माण कार्य पिछले 10 दिन से बंद है. आरोप है कि वार्ड पार्षद ने 30 हजार रुपये कमीशन की मांग की और पैसे न देने पर परिवार को धमकी, मारपीट व झूठे मुकदमे में फंसाने की बात कही. सोशल मीडिया पर पार्षद की दबंगई का वीडियो वायरल होने के बावजूद प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं हुई. डीएम नेनिर्देश देकर तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की थी और दो दिनों में रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था, लेकिन अब तक टीम निर्माण स्थल पर नहीं पहुंची. परिवार भय और अनिश्चितता में जी रहा है और स्थानीय लोग प्रशासन की निष्क्रियता पर आक्रोश जताते हुए सवाल उठा रहे हैं कि गरीब और दलित परिवार न्याय की उम्मीद किससे करें. जांच टीम में शामिल कार्यपालक पदाधिकारी रविशंकर कुमार ने ट्रेनिंग और व्यस्तता का हवाला देते हुए बताया कि टीम बुधवार को मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंप देगी.
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि डीएम के निर्देश की अनदेखी आखिर किसके इशारे पर हो रही है और कब तक जमीन पर जाकर सच्चाई सामने आयेगी.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

