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बुजुर्गो के लिए कारगर साबित हो रहा फिजियोथेरेपी सेंटर

Updated at : 16 May 2025 10:07 PM (IST)
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बुजुर्गो के लिए कारगर साबित हो रहा फिजियोथेरेपी सेंटर

जिले में 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए सरकार द्वारा संचालित बुनियाद केंद्र वरदान साबित हो रहा है.

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बिहारशरीफ. जिले में 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए सरकार द्वारा संचालित बुनियाद केंद्र वरदान साबित हो रहा है. बुनियाद केंद्रों में फिजियोथेरेपी सर्विस इतना कारगर है कि अब तक 50 हजार में से 22 हजार से अधिक लोगेां ने इसका लाभ उठाया है. हालांकि बुनियाद केंद्र की अन्य सेवाओं के प्रति लोगों की रुचि उतनी नहीं है. 2022-23 से जिले के तीन स्थानों पर बुनियाद केंद्र संचालित है. इसमें राजगीर इस्लामपुर व अस्थावां में है. केंद्र में परामर्श, दिव्यांगता सहायता, फिजियोथैरेपी, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, दूरस्थ सेवाएं, विशेष वृद्धजन सेवा, नेत्र जांच और वाक-श्रवण सेवाएं है. बुनियाद केंद्रों पर उपलब्ध आठ सेवाओं में से फिजियोथेरेपी सबसे ज्यादा लोकप्रिय है. प्रतिदिन 20 बुजुर्ग सिर्फ इसी सुविधा का लाभ लेने पहुंचते हैं. इस केंद्र पर आने वाले 43 प्रतिशत सिर्फ फिजियोथेरेपी कराने वाले होते हैं. जबकि केंद्र पर मनोचिकित्सकों की सलाह, सामाजिक सहयोग और परिवारिक माहौल जैसी अन्य सेवाएं भी उपलब्ध करायी जाती है. लेकिन बुजुर्गों का इनके प्रति रुझान नहीं के बराबर है. लोगों का कहना है कि सिर्फ दर्द निवारण के लिए यहां आते हैं. बुनियाद केंद्र बुजुर्गों के लिए एक अच्छी पहल है. लेकिन सिर्फ फिजियोथेरेपी पर निर्भरता इसकी सफलता को सीमित कर रही है. सरकार को अन्य सेवाओं को बढ़ाये जाने के लिए ठोस पहल करनी चाहिए. अधिकारियों की मानें तो बुनियाद केंद्रों का उद्देश्य बुजुर्गों को सशक्त बनाना है. केंद्रों के प्रति बुजुर्गों की रुचि में लगातार गिरावट- 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के कल्याण के लिए स्थापित बुनियाद केंद्रों ने पिछले तीन वर्षों (2022-23 से 2024-25) में 50,965 वरिष्ठ नागरिकों को सेवाएं प्रदान की हैं. पहले वर्ष (2022-23) में 32,952 ने सेवाओं का लाभ उठाया. 2024-25 में यह संख्या घटकर 3,587 रह गयी. इस प्रकार केंद्रों के प्रति रुचि में औसतन 62.45 प्रतिशत की भारी गिरावट आयी है. विशेषज्ञों का मानना है कि सेवाओं के प्रति जागरूकता की कमी, अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, केंद्रों के संसाधनों में कमी गिरावट के कारण हो सकता. बुजुर्गों की घटती भागीदारी को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाना होगा. बुजुर्ग सदस्यों को केंद्र लाने के लिए प्रोत्साहित करने की जरूरत है. केंद्रों में आठ प्रकार की सेवाएं बुजुर्गों के लिए बुनियाद केंद्रों में आठ प्रकार की सेवाएं दी जाती है. इसमें परामर्श, दिव्यांगता सहायता, फिजियोथैरेपी, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, दूरस्थ सेवाएं, विशेष वृद्धजन सेवा, नेत्र जांच और वाक्-श्रवण संबंधी जैसे सुविधाएं शामिल है. इर सब में फिजियोथैरेपी सबसे लोकप्रिय है. समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित केंद्र है। राज्य सरकार द्वारा इस केंद्र में बुजुर्गो, विधवा, दिव्यांगों को फ्री में आठ तरह की सेवाएं प्रदान की जाती है। केंद्र में आधुनिक मशीनों से गठियां, विकलांगता, हड्डी रोग में फिजियोथेरेपी के माध्यम से इलाज किया जाता है. केंद्रों पर फिजियोथैरेपी के आंकड़े: 2022-23: में 32,952 2023-24: में 14,431 2024-25 : में 3,587 क्या कहते हैं अधिकारी- स्थापना वर्ष में दिव्यांगजनों के लिए बैटरी चालित तिपहिया साइकिल, सहायक उपकरण, कान के मशीन (हेयरिंग एड) तथा अन्य कृत्रिम अंगों की आपूर्ति यहां से कराई जाती थी. हालांकि अब जिले में दिव्यांग कोषांग कार्य करने लगा है, जिससे संबंधित जरूरतमंद बुजुर्गों की संख्या में कमी आई है. वृद्धाश्रम संचालन होने के बाद भी बुनियाद केंद्र में आने वाले बुजुर्गों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है. यहां आने वाले बुजुर्गों को गुणवत्तापूर्ण काउंसेलिंग और फिजियोथेरेपी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं, जिसके लिए नियमित जांच की व्यवस्था की गयी है. रतना अग्रवाल, डीपीएम, सक्षम, नालंदा

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANTOSH KUMAR SINGH

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