जिले में फसल बचाने के लिए 72 नीलगायों को मारने की अनुमति

जिला प्रशासन ने किसानों की फसलों को नीलगायों से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए 72 चिन्हित नीलगायों को मारने की अनुमति प्राप्त कर ली है.
बिहारशरीफ. जिला प्रशासन ने किसानों की फसलों को नीलगायों से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए 72 चिन्हित नीलगायों को मारने की अनुमति प्राप्त कर ली है. राज्य सरकार से मंजूरी मिलने के बाद शुक्रवार को इन जानवरों की सूची लाइसेंसधारी शिकारियों (शूटरों) को सौंप दी गई. बीते वर्ष 2024-25 में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में नीलगायों के आतंक से किसानों की खरीफ फसलें बर्बाद हो गई थीं. इससे निपटने के लिए पिछले साल 26 नीलगायों को मारा गया था, लेकिन इस बार संख्या बढ़ाकर 72 कर दी गई है. विशेष रूप से टाल और राजगीर क्षेत्र के किसान नीलगायों के हमलों से सबसे अधिक परेशान हैं. जिला प्रशासन ने पहले से ही नीलगायों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उनकी सूची तैयार की थी. अब लाइसेंसधारी शिकारियों को इन्हें नियंत्रित करने का काम सौंपा गया है. इस कार्रवाई का मकसद अगले खरीफ सीजन (2025-26) में फसलों को बचाना है. बताया जाता है कि नीलगाय (एशियाई एंटीलोप) को भारती वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-III में रखा गया है, जिसके तहत इन्हें हटाने या नियंत्रित करने के लिए विशेष अनुमति लेनी पड़ती है. बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में यह जानवर अक्सर खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक हानि उठानी पड़ती है. शूटिंग की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, ताकि खरीफ की बुआई से पहले नीलगायों की संख्या नियंत्रित की जा सके.
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