नालंदा में लगातार सामने आए आत्महत्या के मामले, एक्सपर्ट ने बताया कब बढ़ जाता है खतरा

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सांकेतिक तस्विर

नालंदा जिले में पिछले 13 महीनों में आत्महत्या और संदिग्ध मौत के कई मामले सामने आने से चिंता बढ़ गई है. मनोचिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने बढ़ते मानसिक तनाव को रोकने के उपायों पर जोर दिया है.

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Nalanda Suicide Cases Mental Stress : नालंदा जिले में पिछले 13 माह के दौरान आत्महत्या और संदिग्ध आत्महत्या से जुड़े कई मामले सामने आए हैं, जहां 22 जुलाई 2025 को हरनौत थाना परिसर में एएसआई रामपुकार यादव ने सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली और 26 सितंबर 2025 को नालंदा इंजीनियरिंग कॉलेज की छात्रा सोनम कुमारी की छात्रावास की छत से गिरने से मौत हो गई.

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जबकि जुलाई 2026 में चंडी थाना क्षेत्र के विशुनपुर गांव में पारिवारिक विवाद के बाद एक ही परिवार में आत्महत्या व जहर सेवन की घटनाएं हुईं और अगस्त 2026 में एक निजी विश्वविद्यालय की छात्रा ने भी आत्महत्या कर ली जिससे किशोरों, युवाओं और आम लोगों में बढ़ते मानसिक तनाव को लेकर चिंता बढ़ गई है.

आत्महत्या का कदम अचानक नहीं होता : डॉ. अमरदीप

विम्स कॉलेज व अस्पताल के मनोचिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. अमरदीप के अनुसार आत्महत्या का कदम अक्सर अचानक नहीं होता क्योंकि लंबे समय से तनावग्रस्त व्यक्ति किसी बड़ी परेशानी या घटना के बाद इस स्थिति तक पहुंच सकता है, और कोरोना के बाद रोजगार, महंगाई, बेरोजगारी से पारिवारिक तनाव बढ़ने के साथ-साथ एकल परिवार और बदलते सामाजिक ताने-बाने ने लोगों का भावनात्मक सहारा कम किया है तथा मोबाइल और टीवी के बढ़ते इस्तेमाल से आपसी संवाद व सामाजिक जुड़ाव में कमी आई है.

सामने आए विभिन्न मामलों की सिलसिलेवार घटनाएं

इस अवधि में दर्ज मामलों के तहत हरनौत एएसआई रामपुकार यादव की थाना परिसर में गोली लगने से मौत, नालंदा इंजीनियरिंग कॉलेज की छात्रा सोनम कुमारी की संदिग्ध मौत, चंडी के विशुनपुर में एक ही परिवार में कई लोगों की आत्महत्या व जहर सेवन की घटनाएं, नूरसराय के अहियापुर में पांच रुपये के विवाद में मां द्वारा दो बच्चों समेत जहर खाने की घटना, और हरनौत के गोकुलपुर निवासी बीएड छात्र मनीष कुमार का पटना में पंखे से लटका मिला शव शामिल हैं.

परिवार और आपसी रिश्तों से जुड़े अन्य संदिग्ध मामले

अन्य मामलों में शहर के पीर पहाड़ी के पटेल नगर निवासी पेट्रोल पंप कर्मी मुन्ना कुमार द्वारा पारिवारिक तनाव में खुदकुशी करना (जो पुलिस तक नहीं पहुंचा), नगर थाना क्षेत्र के रेलवे क्वार्टर में रेलकर्मी के पति सूर्य प्रकाश पासवान की संदिग्ध मौत और शव को जीवित करने के लिए चार घंटे तक जादू-टोना किया जाना, तथा नालंदा थाना अंतर्गत मोहनपुर गांव के 35 वर्षीय रंजीत कुमार द्वारा पारिवारिक कलह और संपत्ति हड़पे जाने के आरोप के बीच जहर खाकर खुदकुशी करने जैसे मामले सामने आए हैं.

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पुलिस तक नहीं पहुंचने वाले मामले और वास्तविक तस्वीर

गांव-देहात में आत्महत्या से जुड़े कई मामले पुलिस तक नहीं पहुंचने की बात भी सामने आती है, क्योंकि सामाजिक बदनामी और कानूनी प्रक्रिया के डर से परिवार कई बार घटना को दबा देते हैं जिससे जिले में आत्महत्या की वास्तविक तस्वीर सामने आना मुश्किल हो जाता है, लेकिन समय पर सलाह, संवाद और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की मदद से इस प्रकार की गंभीर स्थितियों को रोका जा सकता है.


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