बिहारशरीफ में श्रम विभाग का बड़ा एक्शन: नईसराय में छापेमारी कर एक बाल मजदूर को कराया मुक्त, नियोजक पर होगी FIR

Published by : Aditya Kumar Ravi Updated At : 26 May 2026 3:51 PM

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मुक्त कराए गए बाल मजदूर को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करते धावा दल के अधिकारी एवं कर्मी

Nalanda News: नालंदा के बिहारशरीफ प्रखंड के नईसराय में श्रम विभाग के विशेष धावा दल ने छापेमारी कर एक प्रतिष्ठान से एक बाल मजदूर को मुक्त कराया है. श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सतीश कुमार सिंह के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई के बाद बाल श्रमिक को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया, जबकि संबंधित नियोजक के खिलाफ बाल श्रम अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

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Nalanda News (कंचन कुमार): नालंदा जिले में बाल श्रम के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सोमवार को श्रम विभाग की विशेष धावा दल टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. टीम ने बिहारशरीफ प्रखंड के नईसराय क्षेत्र में विभिन्न दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सघन जांच अभियान चलाया. यह पूरी कार्रवाई श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी (बिहारशरीफ) सतीश कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई. इस छापेमारी के दौरान नईसराय स्थित एक प्रतिष्ठान में एक बाल श्रमिक को काम करते हुए पाया गया, जिसे धावा दल की टीम ने तत्काल प्रभाव से विमुक्त करा लिया.

बाल श्रम कानून के तहत नियोजक पर दर्ज होगी प्राथमिकी, जारी रहेगा अभियान

श्रम अधीक्षक अश्विनी कुमार ने इस कड़ी कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत संबंधित नियोजक (दुकान मालिक) के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है. इस मामले को लेकर संबंधित थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. श्रम अधीक्षक ने साफ लहजे में चेतावनी दी कि नालंदा जिले में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन कर मासूमों से मजदूरी कराने वालों के खिलाफ प्रशासन बेहद सख्त कदम उठाएगा.

पुनर्वास के लिए बाल कल्याण समिति के समक्ष किया गया पेश

विमुक्त कराए गए बाल श्रमिक को आगे की आवश्यक विभागीय कार्रवाई, उचित देखरेख और पुनर्वास के लिए बाल कल्याण समिति, बिहारशरीफ (नालंदा) के समक्ष प्रस्तुत किया गया है. विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ऐसे बच्चों को बाल मजदूरी के दलदल से निकालकर शिक्षा और एक सुरक्षित भविष्य की मुख्यधारा से जोड़ने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है. श्रम विभाग ने दो टूक शब्दों में कहा कि बाल मजदूरी बच्चों के मौलिक अधिकारों का खुला हनन है और इसे समाज या प्रशासन द्वारा किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा.

संयुक्त धावा दल में कई विभागों के अधिकारी व पुलिस बल रहे शामिल

बाल श्रम के खिलाफ चलाए गए इस व्यापक अभियान में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी (बिहारशरीफ) सतीश कुमार सिंह के साथ श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी (नगरनौसा) जयकृष्ण गुप्ता, आईडिया संस्था (नालंदा) से अश्विनी कुमार, प्रयास संस्था से शैलेंद्र प्रसाद तथा बिहारशरीफ थाना की पुलिस टीम मुख्य रूप से शामिल रही. इस संयुक्त टीम ने इलाके की विभिन्न दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की बारीकी से जांच की.

विभाग की अपील: बाल श्रमिक दिखने पर तुरंत दें सूचना: श्रम विभाग ने आम नागरिकों और प्रबुद्ध समाज से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी किसी दुकान, होटल या प्रतिष्ठान में बाल श्रमिक कार्य करते हुए दिखाई दें, तो इसकी सूचना तुरंत श्रम विभाग के कार्यालय या संबंधित स्थानीय थाने को दें. विभाग का मानना है कि आम समाज के सक्रिय सहयोग से ही बच्चों को बाल मजदूरी से पूरी तरह मुक्त कर उन्हें शिक्षा और एक सुरक्षित जीवन की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है.

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