नालंदा: 'मास्टर प्लान-2045' का स्टेज-5 ड्राफ्ट तैयार, चार बस टर्मिनल, फूड पार्क और फाइव स्टार होटल का प्रस्ताव

Updated:
विज्ञापन
फोटो - बैठक में शामिल पटना प्रमंडलीय आयुक्त, डीएम, एसपी एवं जनप्रतिनिधि | Prabhat Khabar Network

बैठक में शामिल पटना प्रमंडलीय आयुक्त, डीएम, एसपी एवं जनप्रतिनिधि | Prabhat Khabar Network

Nalanda News : नालंदा आयोजना क्षेत्र के लिए 'मास्टर प्लान-2045' का स्टेज-5 मसौदा तैयार किया गया है. इस योजना के तहत राजगीर को अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन हब, नालंदा को विश्व धरोहर व वेलनेस हब के रूप में विकसित किया जाएगा.

विज्ञापन

Nalanda News : नालंदा समाहरणालय स्थित हरदेव भवन सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया. इस बैठक की अध्यक्षता प्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े द्वारा की गई. बैठक की शुरुआत आयुक्त महोदय को 'ग्रीन प्लांट' (हरित पौधा) भेंट कर उनका भव्य स्वागत करने के साथ हुई. इस उच्चस्तरीय बैठक में नालंदा के जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, माननीय सांसद, स्थानीय विधायक, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा जिले के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे.

बैठक का मुख्य उद्देश्य नालंदा आयोजना क्षेत्र के अंतर्गत "राजगीर रीजनल प्लानिंग एरिया (आरआरपीए) मास्टर प्लान-2045" का स्टेज-5 पर गहन विमर्श तथा संबंधित हितधारकों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श करना था. गौरतलब है कि यह मास्टर प्लान अभी मसौदे के स्तर पर है.

पांच प्रमुख नगरों की अलग-अलग पहचान होगी विकसित, डीएम उदिता सिंह ने दी विस्तृत जानकारी

मसौदे पर विस्तार से बात करते हुए नालंदा जिलाधिकारी उदिता सिंह ने सभागार में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को बताया कि इस मसौदे में पांच प्रमुख नगरों की अलग-अलग पहचान विकसित करने का प्रावधान किया गया है. इसके अनुसार राजगीर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन एवं संस्थागत हब बनाया जाएगा.

वहीं नालंदा को विश्व धरोहर और वेलनेस टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जाएगा. इसके अतिरिक्त सिलाव को क्षेत्रीय व्यापार एवं थोक वाणिज्य केंद्र बनाया जाएगा. पावापुरी को शिक्षा एवं उच्च स्तरीय सेवाओं का केंद्र बनाया जाएगा तथा गिरियक को इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा.

जनप्रतिनिधियों की राय बेहद महत्वपूर्ण, फंडिंग और स्थानीय जन-आकांक्षाओं पर हुई विशेष चर्चा

बैठक को संबोधित करते हुए प्रमंडलीय आयुक्त पटना सह अध्यक्ष नालंदा आयोजना क्षेत्र प्राधिकार मयंक वरवड़े ने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती फंडिंग की है. आप लोगों की राय काफी मायने रखती है, जिसे हम लोग अंतिम ड्राफ्ट में निश्चित रूप से शामिल करेंगे. वहीं, मसौदे पर चर्चा करते हुए नालंदा लोकसभा क्षेत्र के माननीय सांसद कौशलेन्द्र कुमार ने कहा कि इस मसौदे में हवाई अड्डे का भी प्रावधान होना चाहिए.

जनप्रतिनिधियों के साथ विमर्श करके ही इस मसौदे का अंतिम खाका तैयार किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि जो मसौदा है, उसमें थोड़ी बहुत सुधार की जरूरत है लेकिन ओवरऑल बहुत अच्छा है. वहीं माननीय विधान पार्षद रीना यादव ने कहा कि राजगीर का तो विकास हो ही रहा है, साथ ही साथ सिलाव का भी विकास होना चाहिए.

जल भराव की समस्या और वेंडर जोन की मांग, खेल आयोजनों के दौरान सुचारू यातायात पर जोर

माननीय मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार के प्रतिनिधि ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि राजगीर में जब भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर का मैच होता है तो सुरक्षा कारणों से स्थानीय लोगों के लिए गाड़ियों का परिचालन बंद कर दिया जाता है, जिससे स्थानीय लोगों को काफी दिक्कत होती है और इसका उचित निराकरण निकाला जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि कई नए निर्माणों के कारण पहाड़ों से आने वाले पानी का स्वतंत्र प्रवाह रुक गया है, जिसका वैज्ञानिक अध्ययन किया जाना चाहिए और समुचित समाधान निकाला जाना चाहिए.

साथ ही उन्होंने राजगीर में एक वेंडर जोन स्थापित किए जाने की आवश्यकता बताई. नगर परिषद राजगीर की मुख्य पार्षद जीरो देवी ने कहा कि पूरे क्षेत्र का विकास स्थानीय लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए और रोड के किनारे छोटे-मोटे व्यापार करने वालों का भी ध्यान रखना चाहिए ताकि उनकी आजीविका में कोई दिक्कत न आए.

20 वर्षों में देश के सबसे आधुनिक क्षेत्रों में शामिल होगा नालंदा

भगवान बुद्ध की तपोस्थली, भगवान महावीर की निर्वाण स्थली और विश्व प्रसिद्ध नालंदा महाविहार की यह पवित्र धरती आने वाले बीस वर्षों में देश के सबसे आधुनिक और सुनियोजित क्षेत्रों में शामिल हो सकती है. बिहार सरकार ने इस मास्टर प्लान-2045 के तहत ऐसा विजन तैयार किया है, जिसमें पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़कर पूरे क्षेत्र के विकास की व्यापक रणनीति बनाई गई है.

यह योजना केवल राजगीर नगर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नालंदा, सिलाव, पावापुरी, गिरियक और आसपास के 100 से अधिक गांवों को भी शामिल किया गया है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य अगले दो दशकों में इस पूरे क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन एवं ज्ञान केंद्र बनाना है. मसौदे में चार नए बस टर्मिनल, तीन एग्रो बेस्ड स्पेशल इकोनॉमिक जोन, फूड पार्क, चार स्थानों पर मल्टी लेवल कार पार्किंग और पीपीपी मोड पर राजगीर व नालंदा में फाइव स्टार होटल बनाने का प्रावधान है.

दोगुनी होगी आबादी, ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के साथ विकसित होगा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर

मास्टर प्लान के अनुसार वर्ष 2045 तक इस पूरे क्षेत्र की आबादी लगभग दोगुनी हो जाएगी, जिसे ध्यान में रखते हुए अभी से आवास, सड़क, जलापूर्ति, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है. सरकार का मानना है कि यदि अभी योजनाबद्ध विकास नहीं किया गया, तो भविष्य में अव्यवस्थित निर्माण, यातायात जाम, जल संकट और पर्यावरणीय समस्याएं गंभीर रूप ले सकती हैं.

इसलिए विकास और विरासत संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए यह मास्टर प्लान तैयार किया गया है. पर्यटकों की सुविधा के लिए राजगीर-नालंदा पर्यटन सर्किट में विशेष ई-बस सेवा, गोल्फ कार्ट, साइकिल ट्रैक, पैदल भ्रमण मार्ग, डिजिटल गाइड सिस्टम और आधुनिक पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी. नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहर, ह्वेनसांग स्मारक, पावापुरी जल मंदिर तथा अन्य ऐतिहासिक स्थलों पर लेजर लाइट एंड साउंड शो, डिजिटल म्यूजियम और एआर-वीआर तकनीक आधारित अनुभव विकसित किए जाएंगे.

Also Read : गया जी : बिजली चोरी करते पकड़े गए दो उपभोक्ता, हजारों रुपये का जुर्माना और FIR दर्ज


विज्ञापन
Ramvilas Prasad

लेखक के बारे में

By Ramvilas Prasad

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन