नालंदा : हिलसा नगर परिषद के गेट पर कूड़े का ढेर लगाकर सफाई कर्मियों ने जड़ा ताला, चौथे दिन भी हड़ताल जारी

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हिलसा नगर परिषद कार्यालय के समक्ष सफाई कर्मियों का प्रदर्शन | Prabhat Khabar Network

नालंदा के हिलसा में सफाई कर्मियों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी है. अपनी मांगों को लेकर वे नगर परिषद कार्यालय के गेट पर कूड़ा फेंक कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. शहर में सफाई व्यवस्था ठप होने से कूड़ा संकट की आशंका है.

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Hilsa Sanitation Workers Strike : नालंदा जिले के हिलसा नगर परिषद में सफाई कर्मियों की हड़ताल गुरुवार को चौथा दिन भी जारी रही. स्थायी नौकरी, समान काम-समान वेतन और परिवार पेंशन की प्रमुख मांगों को लेकर सफाई कर्मियों ने गुरुवार को नगर परिषद कार्यालय के गेट पर कूड़ा की ढेर रखकर एवं ताला जड़कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया.

इस दौरान प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मी रवि डोम, सरोजनी देवी, विमल देवी, राजा डोम, बवन डोम, नुनु डोम, दीपक डोम, रितिक डोम, साजन डोम, रिंकी देवी, कारी देवी, बंटी डोम आदि ने बताया कि हम सभी सफाई कर्मी नगर परिषद के रीढ़ हैं.

वर्षों से सेवा देने के बावजूद हमारे लिए पद नहीं है, सभी सफाई कर्मी असुरक्षित रोजगार, कम वेतन और शोषण का सामना कर रहे हैं. हम सभी कर्मचारी भी सम्मान एवं सुरक्षित जीवन के अधिकार हैं.

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें और शोषण के खिलाफ रोष

बिहार नगर निकाय के स्थायी, दैनिक, संविदा, आउटसोर्स एवं ठेका कर्मचारियों द्वारा नगर वासियों को सफाई, जलापूर्ति व्यवस्था, जल संग्रहण, प्रकाश व्यवस्था, राजस्व संग्रहकर्ता और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रदान की जा रही हैं.

इसके बावजूद कर्मचारियों की समस्याओं का कोई समाधान नहीं किया जा रहा है. कई दौर की बातचीत के बाद भी सरकार और निकायों के प्रशासन ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है. उन्होंने कहा कि वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतन भोगी, संविदा एवं अन्य अस्थायी कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए, सभी कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.

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साथ ही ठेका एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था से संबंधित कर्मचारियों को नगर निकाय कर्मचारियों का दर्जा दिया जाए. जब तक यह व्यवस्था समाप्त नहीं हो जाती, तब तक के कर्मचारियों का वेतन सीधे उनके बैंक खाते में भुगतान किया जाए. साथ ही ठेकेदारों एवं एजेंसियों द्वारा होने वाले शोषण और अवैध कटौतियों पर रोक लगाई जाए.

शहर में सफाई व्यवस्था ठप और 'कूड़ा संकट' की आशंका

उन्होंने बताया कि कई बार आंदोलन और बातचीत के बावजूद सरकार ने केवल आश्वासन दिया, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ. उसी को लेकर राज्यभर में सभी सफाईकर्मी हड़ताल पर हैं. इसी के विरोध में वे काम छोड़कर आंदोलन पर हैं.

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हड़ताल का असर शहर की साफ-सफाई व्यवस्था पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है. मुख्य सड़कों, बाजार क्षेत्रों और मोहल्लों में कूड़े के ढेर लगने से दुर्गंध फैलने लगी है. स्थानीय निवासियों ने नगर प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की है.

सफाई कर्मियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी. इधर आम लोगों ने आशंका जताई है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो शहर 'कूड़ा संकट' की चपेट में आ सकता है.

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सुबह से दोपहर तक कार्यालय में ताला जड़कर विरोध प्रदर्शन लगातार कर रहे हैं. इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी रविशंकर प्रसाद ने बताया कि सफाई कर्मियों के प्रतिनिधियों से बातचीत हुई है और उम्मीद है कि सभी कर्मी जल्द ही काम पर लौट आएंगे.


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संतोष कुमार पार्थ

लेखक के बारे में

By संतोष कुमार पार्थ

संतोष कुमार पार्थ वर्ष 2013 से पत्रकारिता एवं डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में हिलसा अनुमंडल मुख्यालय से संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं. स्थानीय जनसमस्याओं और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं.

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