हरनौत में पूर्व वार्ड पार्षद पर गलत हलफनामा देकर चुनाव लड़ने का आरोप, धोखाधड़ी का केस

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फोटो वार्ड पार्षद का फाइल फोटो | Prabhat Khabar Network

वार्ड पार्षद का फाइल फोटो

बिहार के हरनौत में गलत हलफनामा देकर चुनाव लड़ने और तथ्य छिपाने के आरोप में पूर्व वार्ड पार्षद अशोक कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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नालंदा जिले के हरनौत नगर पंचायत में चुनावी गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है. यहां पदमुक्त किए जा चुके वार्ड पार्षद अशोक कुमार के खिलाफ हरनौत थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है. उन पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव के दौरान अपनी संतानों से जुड़ी जानकारी छिपाकर गलत हलफनामा दाखिल किया और नियमों को दरकिनार कर चुनाव जीत लिया. इस कार्रवाई के बाद इलाके में सियासी हलचल तेज हो गई है.

शिकायत के बाद खुला मामला

यह पूरा मामला धर्मपुर गांव निवासी अशोक कुमार के खिलाफ उसी गांव के पंकज कुमार की शिकायत के बाद सामने आया. पंकज कुमार ने राज्य निर्वाचन आयोग में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि अशोक कुमार की कुल पांच संतानें हैं, जिनमें से दो का जन्म 4 अप्रैल 2008 के बाद हुआ है. उन्होंने अपने आरोप के समर्थन में जरूरी दस्तावेज भी आयोग को सौंपे थे.

बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 के नियम साफ तौर पर कहते हैं कि अगर किसी व्यक्ति की 4 अप्रैल 2008 के बाद दो से अधिक जीवित संतानें हैं, तो वह नगर निकाय चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य होता है. इसी आधार पर यह मामला गंभीर बन गया.

आयोग की जांच में हुआ खुलासा

मामले की सुनवाई के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी दस्तावेजों और तथ्यों की जांच की. जांच में यह सामने आया कि अशोक कुमार ने चुनाव के समय गलत शपथ-पत्र दाखिल किया था और आयोग को गुमराह किया. इसके बाद उन्हें अयोग्य घोषित करते हुए वार्ड पार्षद के पद से हटा दिया गया.

इसके बाद बिहारशरीफ एसडीओ की ओर से 10 जुलाई को हरनौत नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि अशोक कुमार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए.

ईओ की पहल पर दर्ज हुई एफआईआर

इसी आदेश के तहत नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी सौरभ सुमन ने हरनौत थाना में कांड संख्या 335/26 दर्ज कराया. उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई आयोग के वाद संख्या 73/2023 के फैसले के आधार पर की गई है, जिसमें पंकज कुमार बनाम अशोक कुमार मामले में आदेश पारित हुआ था.

जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि अशोक कुमार के 4 अप्रैल 2008 के बाद दो से अधिक जीवित संतानें थीं. इसके बावजूद उन्होंने अंतिम संतान के जन्म से संबंधित गलत प्रमाण-पत्र और हलफनामा देकर चुनाव लड़ा.

पुलिस जांच शुरू, एसआई को जिम्मेदारी

मामले की जांच का जिम्मा एसआई बिकेस महतो को सौंपा गया है. हरनौत थानाध्यक्ष मुकेश कुमार वर्मा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है. जरूरत पड़ने पर अन्य संबंधित लोगों से भी पूछताछ की जाएगी.

2022 के चुनाव से जुड़ा मामला

गौरतलब है कि नगर पालिका आम चुनाव 2022 के दौरान हरनौत नगर पंचायत के सभी 19 वार्डों में मतदान हुआ था. वार्ड संख्या 19 अनारक्षित सीट थी, जहां अशोक कुमार और शिकायतकर्ता पंकज कुमार समेत कुल आठ उम्मीदवार मैदान में थे. चुनाव परिणाम में अशोक कुमार विजयी घोषित हुए थे.


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