शहर में फिर काबिज हुए अतिक्रमणकारी

शहर में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान की कार्यशैली पर अब सवाल उठने लगे हैं. जिन इलाकों से अतिक्रमण हटाया गया था, वहीं कुछ ही दिनों में दोबारा अवैध कब्जे उभर आए हैं.
बिहारशरीफ. शहर में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान की कार्यशैली पर अब सवाल उठने लगे हैं. जिन इलाकों से अतिक्रमण हटाया गया था, वहीं कुछ ही दिनों में दोबारा अवैध कब्जे उभर आए हैं. सोहसराय, पुलपर और आलमगंज की प्रमुख सड़कों पर अतिक्रमणकारियों ने फिर से दुकानें सजा ली हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन अतिक्रमण हटाने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है. उनका कहना है कि ऊपर से आदेश आने पर अभियान चलाया जाता है, लेकिन इसके बाद अतिक्रमणकारियों को दोबारा सड़क पर कारोबार जमाने की खुली छूट मिल जाती है. लोगों ने प्रशासन और अतिक्रमणकारियों के बीच मिलीभगत की भी आशंका जताई है. वहीं नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के बाद क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने की जिम्मेदारी संबंधित थाना पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की होती है. लेकिन इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है, जिसके कारण अभियान पूरी तरह सफल नहीं हो पा रहा है. उधर कुछ स्थानीय नागरिकों का यह भी आरोप है कि नगर प्रशासन के कुछ कर्मियों और जनप्रतिनिधियों के इशारे पर ही सार्वजनिक स्थलों पर दोबारा तेजी से अतिक्रमण बढ़ रहा है. ऐसे में सवाल यह है कि क्या अतिक्रमण हटाओ अभियान महज दिखावा बनकर रह गया है. क्योंकि अधिकांश सरकारी कार्यालय के आगे बड़े-बड़े अतिक्रमणकारियों पर अब तक बुल्डोजर नहीं चला है. कृषि कार्यालय, पशुपालन विभाग, सोहसराय थाना, डीआरडीए कार्यालय के आगे इसका सिर्फ उदाहरण हैं, जहां वर्तमान में भी अतिक्रमण देखे जा सकते हैं.
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