जुलाई में खाद्यान्न वितरण की धीमी रफ्तार पर डीएम नाराज, 15 जुलाई तक शत-प्रतिशत सीएमआर जमा कराने का निर्देश

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जुलाई में खाद्यान्न वितरण की धीमी रफ्तार पर डीएम नाराज, 15 जुलाई तक शत-प्रतिशत सीएमआर जमा कराने का निर्देश

अधिकारियों के साथ बैठक करते DM Udit Singh | Prabhat Khabar Network

नालंदा डीएम ने खाद्यान्न वितरण की धीमी गति पर नाराजगी जताई और 15 जुलाई तक शत-प्रतिशत सीएमआर जमा करने का कड़ा निर्देश दिया है।

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बिहारशरीफ. नालंदा की जिला पदाधिकारी उदिता सिंह ने गुरुवार को समाहरणालय में आपूर्ति टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक कर सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) एवं खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत धान अधिप्राप्ति और कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया. बैठक में खाद्यान्न उठाव, प्रेषण, पीडीएस दुकानों के निरीक्षण, ई-केवाईसी, राशन वितरण तथा राज्य खाद्य निगम को सीएमआर हस्तांतरण की स्थिति की समीक्षा की गई. डीएम ने जुलाई माह में खाद्यान्न प्रेषण की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था में तत्काल सुधार लाने का निर्देश दिया. जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि जून 2026 में जिले को आवंटित खाद्यान्न के विरुद्ध 97.93 प्रतिशत खाद्यान्न का उठाव हुआ, जबकि राशन कार्डधारियों के अनुसार 90.70 प्रतिशत खाद्यान्न का सफलतापूर्वक वितरण किया गया. वहीं जुलाई माह में बिहारशरीफ बाजार समिति, सिलाव, एकंगरसराय, अस्थावां, इस्लामपुर, हिलसा और चंडी टीपीडीएस गोदामों से एसआईओ के मुकाबले 50 प्रतिशत से भी कम खाद्यान्न का प्रेषण होने के कारण अब तक मात्र 20.85 प्रतिशत खाद्यान्न का ही वितरण हो सका है. समीक्षा में बताया गया कि जिले में 92.72 प्रतिशत लाभुकों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, जबकि पीडीएस पारख ऐप के माध्यम से केवल 15.44 प्रतिशत उचित मूल्य दुकानों का निरीक्षण किया गया है. विभागीय मानक के अनुसार प्रत्येक उचित मूल्य दुकान से कम से कम 250 राशन कार्ड टैग होना अनिवार्य है, लेकिन जिले की 251 दुकानों में अभी भी 250 से कम राशन कार्ड टैग हैं. जिला पदाधिकारी ने जून माह के खाद्यान्न वितरण और ई-केवाईसी अभियान की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन जुलाई में खाद्यान्न प्रेषण की सुस्त गति को लेकर कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम को निर्देश दिया कि परिवहन-सह-हथालन अभिकर्ताओं की नियमित समीक्षा कर निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी गोदामों से शत-प्रतिशत खाद्यान्न का प्रेषण सुनिश्चित कराया जाए. साथ ही जिला आपूर्ति पदाधिकारी को खाद्यान्न प्रेषण के बाद सभी लाभुकों तक समय पर वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. बैठक में फेयर प्राइस डीलर्स एसोसिएशन के महामंत्री वरुण सिंह ने उचित मूल्य दुकानदारों के मार्जिन मनी भुगतान तथा ई-पॉस मशीनों को 2जी से 4जी तकनीक में अपग्रेड करने की मांग रखी. इस पर जिला पदाधिकारी ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को दोनों मामलों में विभाग से पत्राचार कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया. धान अधिप्राप्ति की समीक्षा के दौरान जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम ने बताया कि खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में पैक्स एवं व्यापार मंडलों द्वारा किसानों से 1,32,967.46 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है. इसके बदले 90,285.19 मीट्रिक टन सीएमआर प्राप्त होना है, जिसके विरुद्ध अब तक 79,344.11 मीट्रिक टन यानी 87.88 प्रतिशत सीएमआर राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध कराया जा चुका है. अभी 10,941.08 मीट्रिक टन (लगभग 377.27 लॉट) सीएमआर प्राप्त किया जाना शेष है. इस पर जिला पदाधिकारी ने जिला प्रबंधक को प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित कर शेष सीएमआर की प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. साथ ही तीनों अनुमंडल पदाधिकारियों और जिला आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देशित किया कि जिन पैक्सों के पास अभी भी सीएमआर लंबित है, उनकी लगातार समीक्षा कर 15 जुलाई 2026 तक शत-प्रतिशत सीएमआर राज्य खाद्य निगम को हस्तांतरित कराया जाए. बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक, नालंदा सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक, विभिन्न विभागों के अधिकारी, पैक्स एसोसिएशन, राइस मिल एसोसिएशन तथा फेयर प्राइस डीलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे. बैठक में आपूर्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया.

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Kanchan Kumar

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