राजगीर के जलस्रोत बचाने की पहल तेज

Updated:
विज्ञापन
राजगीर के जलस्रोत बचाने की पहल तेज

राजगीर के ऐतिहासिक जलस्रोतों को बचाने के लिए डीएम ने उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की है। अवैध बोरिंग पर रोक और पुरावशेषों की जांच के दिए गए निर्देश।

विज्ञापन

डीएम ने गठित की उच्चस्तरीय जांच समिति अवैध बोरिंग पर तत्काल रोक प्रतिनिधि, राजगीर राजगीर के ऐतिहासिक ब्रह्मकुंड परिसर में चल रहे विकास कार्य के दौरान मिले संभावित प्राचीन पुरावशेषों और प्राकृतिक जलस्रोतों के लगातार सूखने के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है़ गुरुवार को निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी उदिता सिंह ने स्पष्ट किया कि पुरावशेषों की वैज्ञानिक जांच के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को पत्र भेजा जाएगा़ कुंडों के आसपास हो रही अवैध बोरिंग पर तत्काल रोक लगाते हुए जलस्रोतों के संरक्षण के लिए उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित की जाएगी़ समीक्षा बैठक के बाद जिलाधिकारी ने ब्रह्मकुंड परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया और वहां निर्माणाधीन जनेऊ भवन के फाउंडेशन कार्य की प्रगति का जायजा लिया़ निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उन्हें बताया कि खुदाई के दौरान कुछ ऐसे पुरावशेष मिले हैं, जिनका ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व हो सकता है़ इस पर जिलाधिकारी ने मामले को गंभीर मानते हुए एएसआई को आधिकारिक पत्र भेजकर पुरावशेषों की प्राचीनता एवं ऐतिहासिक महत्व की जांच कराने का निर्देश दिया़ उन्होंने कहा कि यदि एएसआई की जांच में स्थल का पुरातात्विक महत्व प्रमाणित होता है तो संबंधित नियमों के अनुसार क्षेत्र को एएसआई के संरक्षण में सौंपने की कार्रवाई की जाएगी़ वहीं यदि जांच में ऐसी पुष्टि नहीं होती है तो ब्रह्मकुंड परिसर का विकास कार्य पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार जारी रहेगा़ निरीक्षण के दौरान स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी का ध्यान राजगीर के प्राकृतिक जलस्रोतों की ओर भी आकर्षित किया़ लोगों ने बताया कि पहले वर्षभर प्रवाहित रहने वाली कई प्राकृतिक जलधाराएं अब पूरी तरह सूख चुकी है़ उनका आरोप था कि आसपास बड़े पैमाने पर निजी और अवैध बोरिंग के कारण भूजल का अत्यधिक दोहन हो रहा है, जिससे कुंडों और झरनों का जलस्तर लगातार गिर रहा है़ जिलाधिकारी ने इस समस्या को अत्यंत गंभीर बताते हुए इसके स्थायी समाधान के लिए उच्च स्तरीय विशेषज्ञ शोध समिति गठित करने की घोषणा की़ समिति जलस्रोतों के सूखने के वैज्ञानिक कारणों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट देगी। इसके साथ ही प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए अलग से एक्शन कमेटी भी बनाई जाएगी, जो संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आवश्यक कदम उठाएगी़ उन्होंने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि ब्रह्मकुंड और अन्य प्राकृतिक जलस्रोतों के आसपास हो रही सभी अवैध बोरिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए़ जिलाधिकारी ने कहा कि राजगीर की ऐतिहासिक धरोहर, धार्मिक आस्था और प्राकृतिक जलस्रोतों का संरक्षण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है़ इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी़

विज्ञापन
Ramvilas Prasad

लेखक के बारे में

By Ramvilas Prasad

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन