बिहारशरीफ. जिले में फर्जी तरीके से सरकारी राशन का लाभ उठाने वालों पर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है. जिले के 52,797 से अधिक राशन कार्डधारियों की पात्र-अपात्र स्थिति की गहन जांच चल रही है. जांच में सामने आया है कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग शामिल हैं, जो सरकारी सेवा, व्यवसाय या अच्छी आय होने के बावजूद गरीब बनकर वर्षों से राशन ले रहे हैं. इनमें शिक्षक सबसे अधिक हैं. जिले में कुल 5.34 लाख राशनकार्डधारी हैं. विभागीय जांच के अनुसार, इनमें करीब 53 हजार लोग अपात्र श्रेणी में आते हैं. सबसे अधिक मामले बिहारशरीफ प्रखंड से सामने आए हैं, जहां 7,204 अपात्र लाभार्थी चिह्नित किये गये हैं. सूची में किरानी, सिपाही, शिक्षक, अन्य सरकारी कर्मचारी, व्यवसायी और आयकर देने वाले लोग भी शामिल हैं. जिला आपूर्ति पदाधिकारी (डीएसओ) सोमनाथ सिंह ने बताया कि अब तक 128 अपात्र राशनकार्डधारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी गयी है. उन्हें नोटिस भेजा गया है और आगे कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा की जायेगी. उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपात्र लाभार्थियों की जानकारी विभाग को दे सकता है, सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जायेगी. अपात्रता की प्रमुख श्रेणियों में सरकारी सेवक, पक्का मकान या बाइकधारी, सालाना आय एक लाख से अधिक, आयकर भुगतान करने वाले व्यवसायी, मृत लाभार्थियों के नाम पर कार्ड और लंबे समय से राशन न उठाने वाले शामिल हैं. प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि अपात्र लोग स्वयं कार्ड सरेंडर करें, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जायेगी.
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