नालंदा में अरहर की खेती को बढ़ावा, 20 प्रखंडों के किसानों को मुफ्त बीज और कृषि सामग्री

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फोटो : आवश्यक कृषि सामग्री के साथ किसान एवं साथ में डीएओ डॉ़ नितेश कुमार व अन्य पदाधिकारी  | Prabhat Khabar Network

आवश्यक कृषि सामग्री के साथ किसान एवं साथ में डीएओ डॉ़ नितेश कुमार व अन्य | Prabhat Khabar Network

Nalanda Pulse Farming : नालंदा जिले में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए आत्मा नालंदा द्वारा सभी 20 प्रखंडों में अरहर की खेती का प्रत्यक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है. इसके तहत चयनित किसानों को आधार बीज, माइकोराइजा जैव उर्वरक और कीट नियंत्रण उत्पाद निःशुल्क उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे वैज्ञानिक तरीके से खेती कर किसानों की आय बढ़ाई जा सके.

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Nalanda Pulse Farming : नालंदा जिले में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण, आत्मा नालंदा द्वारा अरहर की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पहल शुरू की गई है. जिला कृषि पदाधिकारी डॉ़ नितेश कुमार ने बताया कि बुधवार से जिले के सभी 20 प्रखण्डों में प्रत्यक्षण कार्यक्रम का आयोजन कर किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है.

कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक प्रखण्ड से 3-3 किसानों का चयन कर उन्हें अरहर की उन्नत खेती के लिए आवश्यक कृषि सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई गई.

किसानों को क्या-क्या सामग्री मिली

चयनित किसानों को अरहर की खेती के लिए आधार बीज के साथ-साथ माइकोराइजा जैव उर्वरक, इमीदाक्लोप्रिड और इमैमेक्टिन बेंज़ोएट जैसे कीट नियंत्रण उत्पाद वितरित किए गए. साथ ही बीज उपचार, फसल प्रबंधन और पौधों के समुचित पोषण की जानकारी भी दी गई.

माइकोराइजा से बढ़ेगी पैदावार और मिट्टी की ताकत

कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि माइकोराइजा एक लाभकारी जैव उर्वरक है. यह पौधों की जड़ों के साथ सहजीवी संबंध बनाकर फॉस्फोरस और अन्य पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाता है. इसके उपयोग से जड़ों का बेहतर विकास होता है, पौधे मजबूत होते हैं और सूखा जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों को सहने की क्षमता बढ़ती है. इससे मिट्टी के सूक्ष्मजीव सक्रिय होते हैं, मृदा स्वास्थ्य सुधरता है और अंततः फसल की उत्पादकता व गुणवत्ता दोनों में वृद्धि होती है.

देखकर सीखने के सिद्धांत पर दिया जोर

जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. नितेश कुमार ने बताया कि इस प्रदर्शन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देखकर सीखने के सिद्धांत पर किसानों को उन्नत तकनीकों से जोड़ना है. प्रदर्शन प्लॉट पर किसान स्वयं उन्नत किस्म, वैज्ञानिक विधियों और जैव उर्वरक के प्रभाव को देख सकेंगे.

इससे उनमें नई तकनीकों के प्रति विश्वास बढ़ेगा और वे इन्हें अपने खेतों में अपनाने के लिए प्रेरित होंगे. कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी, सहायक निदेशक बीज विश्लेषण के साथ सभी प्रखण्डों के एटीएम व बीटीएम उपस्थित रहे. उन्होंने किसानों को अरहर की उन्नत खेती की वैज्ञानिक तकनीकें विस्तार से समझाईं.

किसानों को आय बढ़ाने पर फोकस

आत्मा नालंदा द्वारा आयोजित इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों तक नवीन कृषि तकनीक और आवश्यक निवेश पहुंचाना, अरहर की उत्पादकता बढ़ाना, कीट-रोगों का समय पर प्रबंधन करना और किसानों की आय में वृद्धि करना है.

अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे उपलब्ध सामग्री का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग करें और आत्मा द्वारा बताई गई तकनीकों को अपनाकर जिले में दलहन उत्पादन को नई ऊंचाई दें.

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Ranjit Singh

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