हिलसा. हिलसा व्यवहार न्यायालय के चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित कुमार पांडेय ने चंडी थाने के कांड संख्या 382/20 के तहत एक हत्या मामले में 18 आरोपितों को सजा सुनायी है. कोर्ट ने पांच मुख्य अभियुक्तों सत्येन्द्र दास, राजकुमार दास, शिवचन्द्र दास, पप्पू दास और जगदीश दास को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा दी है. इन पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है, जिसे न भरने की स्थिति में एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा. कोर्ट ने भीड़ का हिस्सा बनने और मारपीट करने के दोषी 13 अन्य आरोपितों को एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. इसमें मुकेश दास, इन्द्रजीत दास, संजय दास, रामप्रवेश दास, किशोर दास, जय किशुन दास, सुमंगल दास और बिनोद दास शामिल हैं. वहीं छह माह की सजा सोनी दास, बबीता देवी, गुड़िया देवी, उर्मिला देवी और मुनर देवी को दी गयी है. सभी अभियुक्त गोपी बिगहा (चमरोली) गांव के निवासी हैं. अपर लोक अभियोजक अजय कुमार शर्मा ने बताया कि 27 अगस्त 2020 को अभियुक्तों ने रसलपुर गांव में भूषण रजक के घर पर हरवे हथियार से हमला किया था. इस दौरान भतीजा शंकर कुमार को बचाने आए अभियुक्तों ने गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गयी. मामले में भूषण रजक के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गयी थी, जिसमें तकरीबन तीन दर्जन लोग अभियुक्त हैं. इस मामले में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता राजकुमार सिंह और सर्वजीत कुमार ने बहस की. अदालत ने सभी सजा प्राप्त आरोपियों को भादवि की धारा 302, 147, 148, 448 और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाया. अदालत ने स्पष्ट किया कि कानून के अनुसार न्याय सुनिश्चित किया गया है और दोषियों को कठोर सजा देकर संदेश दिया गया है कि कोई भी हिंसा और हत्या बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
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