बिहार में भीषण आंधी और वज्रपात से मची तबाही, एक किसान सहित चार की मौत

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Bihar: बिहार में अचानक आई तेज आंधी, बारिश और वज्रपात ने तबाही मचाई. गोपालगंज, मुंगेर, बिहारशरीफ और मधेपुरा में इन प्राकृतिक आपदाओं ने कई जिंदगियां छीन लीं, वहीं जनजीवन भी पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया. मृतकों में किसान, मजदूर और अन्य लोग शामिल हैं.

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Bihar: बिहार में शनिवार और रविवार को आए तेज आंधी, वज्रपात और बारिश ने कई जिलों में तबाही मचाई. इन घटनाओं ने किसान, मजदूर और आम जनता को प्रभावित किया, जिससे कई लोगों की जान गई और भारी संपत्ति का नुकसान हुआ. इन प्राकृतिक आपदाओं ने राज्य में एक बार फिर सुरक्षा उपायों की अहमियत को उजागर किया है.

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आंधी में गिरे ठनके से किसान की मौत

गोपालगंज के बरौली प्रखंड में दोपहर 11:45 बजे तेज आंधी के दौरान गिरे ठनके ने 45 वर्षीय किसान सतेंद्र यादव की जान ले ली. वे अपनी गेहूं की फसल समेटने खेत में गए थे, जब आंधी और बारिश के दौरान यह हादसा हुआ. इस घटना ने किसान समुदाय को गहरे शोक में डाल दिया. परिजनों ने शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस घटना के बाद प्रशासन ने शव का पोस्टमार्टम करने की कार्रवाई शुरू कर दी.

बिजली की बाधित आपूर्ति और रास्ते बंद

गोपालगंज के विभिन्न हिस्सों में तेज आंधी और बारिश से बिजली के पोल और तार टूट गए, जिससे रास्ता बंद हो गया. हालांकि, पुलिस ने आंधी के रुकने के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए टूटे पोल और तारों को हटाकर रास्ते को फिर से खोला. इस अप्रत्याशित घटना से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा.

वज्रपात से मजदूर की मौत

मुंगेर के हवेली खड़गपुर में शनिवार की रात तेज आंधी और बारिश के साथ वज्रपात हुआ, जिससे 40 वर्षीय बिगन मांझी की मौत हो गई. वे अपने घर के बाहर सो रहे थे, जब बिजली की चपेट में आ गए. इस घटना से उनके परिवार में शोक की लहर दौड़ गई, क्योंकि बिगन मांझी अपने सात बच्चों का पालन-पोषण मजदूरी करके करते थे.

आंधी में छत से गिरकर बुजुर्ग की मौत

बिहारशरीफ के अस्थावां गांव में शनिवार रात आई तेज आंधी के दौरान 62 वर्षीय बालेश्वर पासवान की मौत हो गई. वे अपनी पत्नी और बच्चों को छत से सुरक्षित नीचे भेज रहे थे, लेकिन खुद तेज हवा के कारण घर से उड़े करकट पर गिर पड़े. इस घटना ने पूरे गांव में शोक की लहर पैदा कर दी है.

वज्रपात से बकरियों की मौत

मधेपुरा के ग्वालपाड़ा प्रखंड में शनिवार रात वज्रपात से चार बकरियों और एक बकरे की मौत हो गई. यह हादसा सरौनी कला गांव में हुआ, जब पीपल के पेड़ पर बिजली गिरी और आसपास बैठी बकरियों को उसकी चपेट में आकर वे जलकर मर गईं. इस घटना ने पशुपालकों को भारी नुकसान पहुंचाया.

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प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए सुरक्षा इंतजाम जरूरी

इन घटनाओं ने बिहार के विभिन्न जिलों में जान-माल की भारी हानि की है. प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए सुरक्षा उपायों की गंभीरता को समझना बेहद जरूरी है. प्रशासन और आम लोगों को मिलकर ऐसे घटनाओं से बचने के लिए पहले से तैयार रहना चाहिए. साथ ही, प्रभावितों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए उपाय किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचाव किया जा सके.

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