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बिहार की शिक्षिका गुजरात में रहकर लगवाती रहीं हाजिरी, कॉल रिकॉर्डिंग से ऐसे खुल गया सारा पोल...

Updated at : 28 Mar 2023 2:19 PM (IST)
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बिहार की शिक्षिका गुजरात में रहकर लगवाती रहीं हाजिरी, कॉल रिकॉर्डिंग से ऐसे खुल गया सारा पोल...

बिहार के खगड़िया जिले में एक सहायक शिक्षिका की हाजिरी बनती रही. जबकि वो विद्यालय में नहीं बल्कि गुजरात में रह रहीं थी. इस पूरे खेल को हेडमास्टर के जरिए चोरी छिपे खेला जा रहा था. जब पूरे खेल से पर्दा उठा तो हेडमास्टर ने अपनी लाचारी बताई.

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Bihar News: डीईओ से प्रतिनियोजन करवा कर गुजरात में रह रही सहायक शिक्षिका का खगड़िया के एक विद्यालय में हाजिरी बनती रही, हर महीने शिक्षिका को उपस्थित दिखा कर ऐबसेंटी भेजकर वेतन भुगतान होने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है. यह खेल सितंबर 2022 से चल रहा था, इसी बीच बीईओ राम उदय महतो के द्वारा विद्यालय के निरीक्षण के दौरान पूरी पोल खुल गयी.

आज तक स्कूल नहीं आई शिक्षिका

सबसे अहम बात यह है कि प्रतिनियोजन के बाद शिक्षिका ने विद्यालय का मुंह तक नहीं देखा, एचएम भी बिना देखे ही हर महीने समय से ऐबसेंटी में सहायक शिक्षिका सीमा कुमारी को उपस्थित दिखा कर वेतन भुगतान करवाते रहे. बीईओ ने बताया कि सितंबर महीने में मूल विद्यालय मध्य विद्यालय भदास से प्राथमिक विद्यालय विद्याधार में प्रतिनियोजन करवाने के बाद सहायक शिक्षिका सीमा कुमारी आज तक स्कूल का मुंह देखने के लिए भी नहीं आयी, लेकिन एचएम विकास कुमार उसे उपस्थित दिखाकर ऐबसेंटी भेजते रहे.

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पूरी जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी गयी है. इधर, जांच रिपोर्ट सहित कई सबूत रहने के बाद भी एचएम व सहायक शिक्षिका से स्पष्टीकरण के अलावा कोई कार्रवाई नहीं कर शिक्षा विभाग की कार्यशैली कटघरे में है. कहा जाता है कि अकेले सदर प्रखंड में 49 शिक्षक-शिक्षिका प्रतिनियोजन की मलाई खा रहे थे. पूरे जिले में यह आंकड़ा 400 के पार है.

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हम तो स्कूल का मुंह भी नहीं देखे हैं…

पूरे मामले में दो ऑडियो क्लिप चर्चा में है. बताया जाता है कि बीईओ के निरीक्षण के बाद एचएम व सहायक शिक्षिका सीमा के बीच मोबाइल पर हुई बातचीत की कॉल रिकार्डिंग है. जिसमें सहायक शिक्षिका व एचएम की मिलीभगत से बिना विद्यालय आये वेतन भुगतान के खेल के सारे राज कैद हैं. कॉल रिकार्डिंग में एचएम से शिक्षिका कह रही हैं कि वह तो प्राथमिक विद्यालय विद्याधार का रास्ता तक नहीं जानती है. प्रतिनियोजन के बाद अब तक स्कूल का मुंह तक नहीं देखे हैं.

बिना स्कूल आये मजे से वेतन लेने का चल रहा खेल

बीईओ के निरीक्षण ने सब चौपट कर दिया. हालांकि ऑडियो रिकार्डिंग की प्रभात खबर पुष्टि नहीं करता है. पूरी ऑडियो रिकार्डिंग सामने आने से शिक्षा विभाग में डीईओ से लेकर अन्य अधिकारियों के मेल से प्रतिनियोजन करवा कर बिना स्कूल आये मजे से वेतन लेने के खेल का खुलासा हो गया है. इसका ताजा उदाहरण प्राथमिक विद्यालय विद्याधार का है.

हेडमास्टर के जवाब से सच्चाई आयी सामने

पूरे मामले में प्राथमिक विद्यालय विद्याधार के एचएम विकास कुमार द्वारा डीपीओ स्थापना को सौंपे गये स्पष्टीकरण के जवाब में कहा गया है कि छह सितंबर 2022 को डीईओ द्वारा सहायक शिक्षिका सीमा कुमारी का प्रतिनियोजन किया गया. वह कभी विद्यालय नहीं आयी, लेकिन उसे उपस्थित दिखा कर ऐबसेंटी भेजा जाता रहा और हर महीने वेतन भुगतान होता रहा. इस बीच बीईओ द्वारा दो दिनों तक लगातार इस विद्यालय के निरीक्षण के बाद पूरी पोल खुल गयी. अब इसके पीछे उनकी क्या मजबूरी थी, यह तो एचएम विकास कुमार जाने, लेकिन पूरे खेल के खुलासे से शिक्षा विभाग में प्रतिनियोजन से लेकर विद्यालय से गायब रहने के गोरखधंधे का काला सच सामने आ गया है.

बीईओ बोले

शहर के बीचोबीच स्थित प्राथमिक विद्यालय विद्याधार वार्ड नंबर 4 के निरीक्षण के दौरान सहायक शिक्षिका सीमा कुमारी गायब थी. पूछताछ में पता चला कि वह गुजरात में हैं. एचएम ने बताया कि मजबूरी में वह अनुपस्थित शिक्षिका को उपस्थित दिखाकर ऐबसेंटी भेजते रहे और हर महीने वेतन मिलता रहा. कड़ाई करने पर गुजरात से खगड़िया आकर शिक्षिका विद्यालय में ड्यूटी कर रही हैं.

– राम उदय महतो, बीईओ खगड़िया

डीपीओ बोले

यह मामला संज्ञान में है. बीईओ के कथनानुसार गुजरात में रह रही शिक्षिका का वेतन भुगतान होते रहना गंभीर मामला है. एचएम व सहायक शिक्षिका का वेतन बंद कर दिया गया है. पूरे मामले में कथित रूप से प्रा.वि. विद्याधार के एचएम व सहायक शिक्षिका का ऑडियो सौंपा गया है. अभी मार्च क्लोजिंग के कारण व्यस्तता थी. जल्द ही पूरे मामले में निलंबन के साथ-साथ बिना ड्यूटी किये वेतन मद में भुगतान की गयी राशि की वसूली भी शिक्षिका से की जायेगी.

– निशीथ पी. सिंह, डीपीओ (स्थापना) शिक्षा विभाग

मेरी मजबूरी थी.. बोले हेडमास्टर

यह सच है कि बिना स्कूल आये ही प्रतिनियोजित सहायक शिक्षिका सीमा कुमारी की ऐबसेंटी हर महीने मूल विद्यालय भेजा जाता रहा, जिसके आधार पर वेतन भुगतान होता रहा. ऐसा करना, मेरी मजबूरी थी. बीईओ के निरीक्षण के बाद पूछे गये स्पष्टीकरण का जवाब सौंप दिये हैं.

– विकास कुमार, एचएम, प्राथमिक विद्यालय विद्याधार, वार्ड नंबर 4

Published By: Thakur Shaktilochan

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