बिहार में सवर्ण आयोग का फैसला- हर जिले में होंगे नोडल अधिकारी, अब शिकायतों के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे सरकारी दफ्तरों के चक्कर

Updated:
विज्ञापन

महाचंद्र सिंह की फाइल फोटो

Bihar News: बिहार सवर्ण आयोग ने समाज की शिकायतों के निपटारे के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है. राज्य के सभी जिलों में नोडल अधिकारियों की तैनाती की जाएगी. यह व्यवस्था विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सहायक होगी.

विज्ञापन

Bihar News: बिहार सवर्ण आयोग ने सवर्ण समाज की शिकायतों के निपटारे के लिए नई पहल शुरू की है. आयोग के अध्यक्ष महाचंद्र सिंह ने कहा कि राज्य के सभी जिलों में नोडल अधिकारियों की तैनाती की जाएगी. इन अधिकारियों का काम सवर्ण समाज के लोगों की शिकायतें सुनना और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर उनका समाधान कराना होगा.

बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे

आयोग का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों को अपनी समस्याओं के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. नोडल अधिकारी शिकायतों की निगरानी भी करेंगे. इससे मामलों का समय पर निपटारा कराने में आसानी होगी.

आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों पर रहेगा फोकस

महाचंद्र सिंह ने कहा कि बिहार में सवर्ण समाज के 50 प्रतिशत से अधिक लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं. ऐसे लोगों तक सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक सहायता का लाभ समय पर पहुंचे, इसी उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की जा रही है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

फैसले की टाइमिंग पर शुरू हुई चर्चा

सवर्ण आयोग के इस फैसले की राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा हो रही है. इसकी वजह हाल ही में घोषित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का परिणाम है. उपचुनाव के बाद अगड़े मतदाताओं के रुझान को लेकर राजनीतिक दलों के बीच चर्चा तेज हुई है. ऐसे में आयोग की इस पहल को लेकर भी अलग-अलग तरह की राजनीतिक चर्चाएं हो रही हैं.

सरकार ने नहीं जोड़ा उपचुनाव से संबंध

हालांकि सरकार और बिहार सवर्ण आयोग ने कहीं भी यह नहीं कहा है कि इस फैसले का संबंध बांकीपुर उपचुनाव से है. ऐसे में दोनों घटनाओं को सीधे जोड़ने का कोई आधिकारिक आधार नहीं है. इसे लेकर फिलहाल केवल राजनीतिक चर्चाएं और विश्लेषण सामने आ रहे हैं.

यदि सभी जिलों में नोडल अधिकारी प्रभावी तरीके से काम करते हैं, तो सवर्ण समाज की शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया पहले से आसान हो सकती है.

Also Read: 'मनोज तिवारी फ्रॉड आदमी हैं', विधायक बनने के बाद प्रशांत किशोर का चैलेंज- हिम्मत है तो भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाकर दिखाएं



विज्ञापन
अभिनंदन पांडेय

लेखक के बारे में

By अभिनंदन पांडेय

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन