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Bihar Politics: सिंघम मोड में तेजस्वी! नीतीश की समृद्धि यात्रा के बीच 100 दिनों में सरकार की होगी अग्निपरीक्षा

Updated at : 17 Jan 2026 1:25 PM (IST)
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Tejashwi Yadav

Tejashwi Yadav

Bihar Politics: जब सत्ता विकास यात्राओं में व्यस्त हो और विपक्ष अचानक आक्रक अंदाज में मैदान में उतर जाए, तब राजनीति सिर्फ बयानबाजी नहीं रहती, वो सीधी जंग बन जाती है. बिहार में कुछ ऐसा ही नज़ारा दिखने लगा है, जहां नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के बीच तेजस्वी यादव ‘सिंघम रिटर्न’ वाले अंदाज में एक्टिव हो गए हैं.

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Bihar Politics: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जहां समृद्धि यात्रा के जरिए अपनी सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने में जुटे हैं, वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सियासी चुप्पी तोड़ते हुए विपक्ष की नई रणनीति का एलान कर दिया है.

तेजस्वी अब अगले 100 दिनों को सरकार के लिए ‘लिटमस टेस्ट’ बनाना चाहते हैं. उनका साफ संदेश है कि राजद अब सिर्फ विरोध नहीं करेगी, बल्कि जनता की समस्याओं के सहारे सत्ता के हर दावे की जमीनी सच्चाई सामने लाएगी.

नीतीश की यात्रा के बीच तेजस्वी की सियासी एंट्री

पटना से मुख्यमंत्री के बाहर निकलते ही तेजस्वी यादव ने पार्टी की कमान पूरी मजबूती से संभाल ली. सांसदों और कद्दावर नेताओं के साथ बैठक कर उन्होंने संगठन को साफ शब्दों में निर्देश दिया कि अब पार्टी को जनता के बीच दिखना होगा. तेजस्वी का अंदाज इस बार पहले से ज्यादा आक्रामक और अनुशासित नजर आया, जैसे किसी फिल्मी ‘सिंघम’ की वापसी हो रही हो.

सांसदों, विधायकों और नेताओं के साथ तेजस्वी कर रहे है बैठक

चुनाव में हार के बाद तेजस्वी यादव ने अपने सरकारी आवास पर बड़ी बैठक बुलाकर संगठन के करीब 100 बड़े नेताओं को पटना तलब किया, जहां उन्होंने सांसदों,विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ लगातार दूसरे दिन भी मंथन के लिए बुलाया. इस बैठक में तेजस्वी यादव के साथ मीसा भारती भी उनके साथ थी.

राजद की रणनीति का केंद्र सरकार के शुरुआती 100 दिन हैं. इन 100 दिनों में सत्ता ने क्या किया, कितना किया और किसके लिए किया, यही राजद की राजनीति का मुख्य हथियार होगा. तेजस्वी चाहते हैं कि सरकार आधे-अधूरे कामों की पीठ थपथपाने से पहले जनता को जवाब दे. हर जिला, हर प्रखंड और हर पंचायत से समस्याओं की रिपोर्ट जुटाकर सत्ता को आईना दिखाने की तैयारी है.

मंगनीलाल मंडल, प्रदेश अध्यक्ष राजद ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा- बैठक बुलाई गई है..बैठक में पार्टी के संगठन के मामले, इन सबपर चर्चा होगी. बैठक में सौ के आस-पास लोगों को बुलाया गया है. विधानसभा चुनाव में हार पर भी समीक्षा होगी.

राजद विधायक, बोगो सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा- बैठक में किसपर चर्चा होगी इसकी जानकारी अभी नहीं है.फोन पर बैठक के बारे सूचना मिली है, नेता के आदेश का पालन करने आये है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ फातमी ने पत्रकारों को बताया – नये साल में आगे कैसे काम करेंगे उसके बारे में चर्चा करेंगे, उसके बारे में नेताजी हमलोगों को बतायेगे. चुनाव में हार के कारणों पर भी चर्चा हो सकती है.

हार के बाद संगठन को नई धार देने की कोशिश

2025 विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी के भीतर जो ठहराव और निराशा थी, उसे तोड़ना तेजस्वी की सबसे बड़ी चुनौती है. समीक्षा बैठकों में यह माना गया कि संगठन पूरी ताकत के साथ मैदान में नहीं उतर सका. कहीं भीतरघात रहा, कहीं तालमेल की कमी दिखी. अब 100 दिनों का यह प्लान सिर्फ सरकार पर हमला नहीं, बल्कि पार्टी को दोबारा ऊर्जा देने की कोशिश भी है.

रोहिणी आचार्य का बयान और पार्टी के भीतर की बेचैनी

लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य का सोशल मीडिया पर दिया गया बयान इस पूरी कवायद को और गंभीर बना देता है. उनका इशारा साफ है कि बदलाव सिर्फ बाहर नहीं, भीतर से भी होना चाहिए. आत्ममंथन और जिम्मेदारी तय किए बिना कोई भी समीक्षा खोखली साबित होगी.

बिहार की राजनीति में नई टक्कर की तैयारी

समृद्धि यात्रा और 100 दिनों की रणनीति, दोनों मिलकर बिहार की राजनीति को नई दिशा दे रहे हैं. एक तरफ सत्ता अपने विकास मॉडल को मजबूत करने में जुटी है, तो दूसरी तरफ तेजस्वी यादव जनता की तकलीफों को सियासी हथियार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. आने वाले 100 दिन तय करेंगे कि यह ‘सिंघम मोड’ सिर्फ स्टाइल है या बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव की शुरुआत.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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