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बीजेपी छोड़ बिहार में नई पार्टी बनाएंगे RCP SINGH, पार्टी में उचित स्थान नहीं मिलने से थे नाराज

Updated at : 19 Oct 2024 2:26 PM (IST)
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Bihar Politics: बिहार में साल 2025 में विधानसभा चुनाव होना है. इसको लेकर सियासी गलियारों में उथल-पुथल मचा हुआ है. इस बीच बिहार के दिग्गज नेता आरसीपी सिंह ने ऐलान कर दिया है कि वे भाजपा छोड़ बिहार में नई पार्टी बनाएंगे.

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Bihar Politics: बिहार में साल 2025 में विधानसभा चुनाव होना है. इसको लेकर सियासी गलियारों में उथल-पुथल मचा हुआ है. इस बीच बिहार के दिग्गज नेता आरसीपी सिंह ने ऐलान कर दिया है कि वे भाजपा छोड़ बिहार में नई पार्टी बनाएंगे. जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है.

बता दें कि, उन्होंने 5 अगस्त 2022 में जेडीयू से इस्तीफा दिया था. जेडीयू छोड़ने के ठीक 9 महीने बाद 11 मई 2023 को दिल्ली में उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ली. बीजेपी के सीनियर नेता धर्मेंद्र प्रधान ने उन्हें पार्टी में शामिल कराया था. लेकिन पार्टी में उचित स्थान नहीं मिलने से वे काफी समय से नाराज चल रहे थे.

बता दें कि आरसीपी सिंह बिहार में कई दिनों से सक्रिय नजर आ रहे थे. जिससे यह चर्चा हो रही थी कि वे जल्द ही नई पार्टी की घोषणा करेंगे. इसको लेकर उन्होंने पहले से तैयारी कर ली थी. यही वह वजह है कि समर्थकों की ओर से आरसीपी सिंह की तस्वीर के साथ पटना की सड़कों पर पोस्टर भी लगाए गए हैं.

जदयू द्वारा लगाया गया था भ्रष्टाचार का आरोप

जदयू ने 2022 में RCP SINGH पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था. जदयू के कार्रवाई का आधार उनकी और उनके घर वालों की संपत्ति में वृद्धि बताई गई थी. दिलचस्प बात यह है कि इनकी संपत्ति का ब्योरा जदयू के नेताओं द्वारा जुटाया गया था. उनके अनुसार आरसीपी और उनके घर वालों ने 2013 से 2022 तक नालंदा जिले में सिर्फ दो प्रखंड अस्थवां और इस्लामपुर में करीब 40 बीघा जमीन खरीदी थी. कई और जिलों में भी उनकी संपत्ति होने की बात कही गई थी.

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आरसीपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था

पार्टी द्वारा इसे भ्रष्टाचार के मोर्चे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जीरो टॉलरेंस नीति के खिलाफ माना था. अपने ही पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ जांच करने और उनसे भ्रष्टाचार संबंधी सवाल जवाब करने वाली जदयू हालिया वर्षों में देश की पहली पार्टी बन गई थी. आरसीपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. जिसके बाद आरसीपी सिंह द्वारा सादे कागज पर इस्तीफा दिया गया था.

यूपी कैडर के IAS अफसर थे RCP सिंह

रामचंद्र प्रसाद सिंह यानी RCP सिंह 1984 बैच के IAS अधिकारी रह चुके हैं. नीतीश कुमार के स्वजातीय हैं और उनके गृह जिले नालंदा के ही निवासी है. बता दें कि RCP सिंह उत्तर प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी थे. नीतीश जब केंद्र में मंत्री बने तब उन्हें उत्तर प्रदेश से लाकर अपना सचिव बनाया गया.

उसके बाद जब बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली तो फिर से उन्हें उत्तर प्रदेश बुलाकर अपना प्रधान सचिव बनाया. फिर Nitish Kumar ने जदयू का सुप्रीमो भी RCP को बनाया था, लेकिन बाद में दोनों में दूरियां बढ़ गईं.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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