Bihar News, धर्मनाथ: बिहार के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने वाला है. राजगीर में बने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में अगले घरेलू सत्र से रणजी ट्रॉफी के मैच खेले जाएंगे. इन मुकाबलों के जरिए ग्राउंड और पिच का व्यवहार परखा जाएगा, जिसके बाद ही यहां अंतरराष्ट्रीय और आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंटों के आयोजन पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.
रणजी मैचों से होगी पिच और ग्राउंड की असली परीक्षा
मोइनुल हक स्टेडियम के मुख्य पिच क्यूरेटर देवी लाल के अनुसार, राजगीर क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है. केवल ड्रेनेज सिस्टम का थोड़ा कार्य शेष है. ग्राउंड पर घास के साथ बालू की लेयरिंग की गई है, ताकि बारिश के दौरान पानी जमा न हो और मैदान लंबे समय तक खेलने योग्य बना रहे.
रणजी ट्रॉफी और अन्य घरेलू मुकाबलों के दौरान पिच और आउटफील्ड का डेटा जुटाया जाएगा, जिससे यह समझा जा सके कि यहां का मौसम और मिट्टी क्रिकेट के लिए किस तरह का व्यवहार करती है.
अंतरराष्ट्रीय मैचों से पहले होगा वैज्ञानिक विश्लेषण
देवी लाल बताते हैं कि किसी भी नए स्टेडियम में सीधे अंतरराष्ट्रीय मैच कराना जोखिम भरा होता है. इसलिए घरेलू मैचों के दौरान पिच की उछाल, स्पिन, सीम मूवमेंट और आउटफील्ड की गति का विश्लेषण किया जाएगा. इन्हीं आंकड़ों के आधार पर बीसीसीआई यह तय करेगी कि राजगीर स्टेडियम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए पूरी तरह तैयार है या नहीं.
मार्च-अप्रैल में बीसीए को हैंडओवर की उम्मीद
बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव जियाउल अरफिन के मुताबिक, मार्च-अप्रैल में स्टेडियम को बीसीए को सौंप दिया जाएगा. इसके बाद बीसीसीआई के घरेलू सत्र के तहत रणजी ट्रॉफी के मैच यहां आयोजित होंगे, रणजी के सफल आयोजन के बाद आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का रास्ता भी साफ हो सकता है.
विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस अनोखा स्टेडियम
करीब 18 एकड़ में फैला यह स्टेडियम 45 हजार दर्शकों की क्षमता वाला है. इसका डिजाइन देश-विदेश के प्रमुख क्रिकेट स्टेडियमों के अध्ययन के बाद तैयार किया गया है. यहां जिमखाना, स्पा, फिजियो रूम, पूर्ण चिकित्सा केंद्र, कमेंट्री बॉक्स, कैमरा डेक और कॉर्पोरेट सुइट्स जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं. पिच को बीसीसीआई के मुख्य क्यूरेटर की देखरेख में तैयार किया गया है, जिससे इसकी गुणवत्ता पर किसी तरह का सवाल न उठे.
बिहार को क्रिकेट मानचित्र पर मिलेगी नई पहचान
राजगीर क्रिकेट स्टेडियम के शुरू होने से बिहार को न सिर्फ घरेलू क्रिकेट में मजबूती मिलेगी, बल्कि राज्य अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के नक्शे पर भी उभरकर सामने आएगा. आने वाले समय में यह स्टेडियम बिहार के युवा खिलाड़ियों के सपनों को नई उड़ान दे सकता है.

