Bihar: इफको की एजेंसी के नाम पर दरभंगा के प्रखंड उपप्रमुख से भी ठगे साढ़े तीन लाख, जानें कैसे फंसा रहे अपराधी

Bihar: इफको की एजेंसी व डीलरशिप दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले शातिरों ने बिहार के एक और शख्स को चूना लगाया है. बीते शनिवार को पत्रकार नगर थाने की पुलिस को दरभंगा कुशेश्वर स्थान के प्रखंड उपप्रमुख बबन कुमार यादव ने फोन किया और ठगी की पूरी जानकारी दी.
Bihar: इफको (इंडियन फॉर्मर्स फर्टिलाइजर को-ऑपरेटिव लि.) की एजेंसी व डीलरशिप दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले शातिरों ने बिहार के एक और शख्स को चूना लगाया है. बीते शनिवार को पत्रकार नगर थाने की पुलिस को दरभंगा कुशेश्वर स्थान के प्रखंड उपप्रमुख बबन कुमार यादव ने फोन किया और ठगी की पूरी जानकारी दी. इसके बाद दरभंगा पुलिस ने भी पटना पुलिस से संपर्क किया. बबन कुमार यादव कुशेश्वर स्थान में फर्टिलाइजर की दुकान चलाते हैं और कुशेश्वर स्थान प्रखंड के उपप्रमुख भी हैं.
इफको का फर्जी सर्टिफिकेट भी दिया
शातिरों ने 22 दिसंबर में फोन कर इफको की फ्रेंचाइजी देने का दावा किया. पहले रजिस्ट्रेशन के नाम पर उनसे 50 हजार रुपये लिये. इफको का फर्जी सर्टिफिकेट भी दिया. बाद में कई किस्तों में उनसे तीन लाख 45 हजार 800 रुपये ठग लिये. इसके बाद खाद और कीटनाशक देने के नाम पर अब तक उन्हें बरगलाता रहा. इफको के दो शातिर के पकड़े जाने की जानकारी जब उपप्रमुख को मिली, तब उन्होंने पत्रकार नगर थानेदार से संपर्क किया और फिर उन्होंने कुशेश्वरस्थान थाने में शातिरों पर केस दर्ज कराया. जिस मोबाइल नंबर से उपप्रमुख से ठगी की गयी है और जिस खाते पर पैसा मंगवाया गया है, उसकी जांच भी पत्रकार नगर की पुलिस कर रही है. खातों में लगभग 25 लाख रुपये बचा हुए थे, जिसे पुलिस फ्रिज करवा दी है. अब तक पुलिस को बिहार सहित विभिन्न राज्यों के 10 से अधिक एफआइआर मिल गयी हैं.
फर्जी नाम और पता पर शातिरों ने खुलवा रखा था खाता
इन 250 खातों में लगभग 100 खाते शातिरों ने फर्जी नाम और पते पर खुलवाया है. 100 खातों में से अधिकतर खाता नासिक, औरंगाबाद, जयपुर, लखनऊ, गाजियाबाद के बैंकों में खोला गया है. जांच में यह भी बात आयी है कि इफको के नाम पर ठगी करने वाले शातिरों ने दूसरे गिरोह से ऊंची कीमत पर खाता और उसका एटीएम कार्ड खरीदा था. पांच फरवरी को पत्रकार नगर की पुलिस ने नालंदा के रंजन उर्फ अंकित और औरंगाबाद के आनंद मुरारी को गिरफ्तार किया था. दोनों ने पूछताछ में पुलिस को बताया था कि उनका सरगना कतरीसराय का जितेंद्र और निखिल है. दोनों नाम और पते का सत्यापन नहीं हो पाया है. ऐसी आशंका है कि दोनों ने अपने सरगना का नाम और पता गलत बताया है. जल्द ही दोनों को अलग-अलग थानों की पुलिस रिमांड पर लेगी.
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