बिहार: जमीन खरीदने और बेचने वालों के लिए खुशखबरी! अब नहीं लगाना होगा अंचल का चक्कर,मोबाइल पर मिलेगी ये जानकारी

बिहार के मुजफ्फरपुर में जमीन की खरीद बिक्री करने वालों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. उन्होंने नक्शा से लेकर जमीन का अभिलेख तक मोबाइल पर मिल जाएगा.
बिहार के मुजफ्फरपुर में जमीन की खरीद बिक्री करने वालों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. उन्होंने नक्शा से लेकर जमीन का अभिलेख तक मोबाइल पर मिल जाएगा. दरअसल, राजस्व एवं भूमि सुधार के सचिव जय सिंह बुधवार को मुजफ्फरपुर पहुंचे. सबसे पहले वह दोपहर मुशहरी अंचल पहुंचे. उन्होंने पहले नक्शा घर और अभिलेखागार का निरीक्षण किया. अभिलेखागार की पंजियों एवं अभिलेखों के रखरखाव पर संतोष जताते हुए कहा कि आगामी चार से पांच महीना में सभी अभिलेखों की स्कैनिंग की प्रक्रिया पूरी हो जायेगी. इस काम के पूरा होने के बाद अब किसी अभिलेख के लिए किसी भी भूस्वामी को अंचल कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. सभी अभिलेख ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे. उन्होंने कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है. कहा कि नक्शा लोगों को मिल रहा है. जिन राजस्व गांव का नक्शा उपलब्ध नहीं है, उसको अपलोड किया जा रहा है. उसके बाद अंचल कार्यालय में पहुंचकर राजस्व कर्मचारियों से उनके द्वारा की गयी रिपोर्ट और मोबाइल एप की जानकारी ली.
निरीक्षण के दौरान जय सिंह ने कहा कि कई जगह रिपोर्ट में विरोधाभाषी होने पर कर्मचारियों को स्पष्ट रिपोर्ट करने की हिदायत दी. उन्होंने सभी कर्मचारियों को मोबाइल एप डाउनलोड करने का निर्देश दिया. एप के माध्यम से सभी जमाबंदी में आधार और मोबाइल नंबर जोड़ना है. हालांकि आधार देना स्वैच्छिक होगा. परिमार्जन और जमाबंदी सुधार को जल्दी पूरा करने का निर्देश दिया. मौके पर कुछ लोगों ने राजस्व कर्मचारियों द्वारा दाखिल-खारिज की रिपोर्ट कर लंबे समय तक अपने आइडी पर रखने और आरओ पर फॉरवर्ड नहीं करने का आरोप लगाया. सचिव ने कहा कि ऐसी गड़बड़ी करने वाले बक्शे नही जायेंगे.
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राजस्व व भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह मुशहरी अंचल कार्यालय में निरीक्षण के बाद जिला मुख्यालय पहुंचे. जहां उन्होंने रिकॉर्ड रूम और बंदोबस्त कार्यालय की जानकारी ली. जमाबंदी के डिजिटालाइजेशन का कार्य शत प्रतिशत पूरा करने करने के लिए कहा. अभिलेखागार में अभिलेख को सुरक्षित रखने को लेकर भी निर्देश दिये. जिला राजस्व अभिलेखागार में सन 1850 की भी दस्तावेज हैं. इसमें सबसे अधिक जरूरी 1895-96 के अभिलेख हैं. राजस्व से जुड़े ये अभिलेख कैथी भाषा में हैं. सबसे अधिक नकल के आवेदन इन अभिलेखों के ही आते हैं.
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