बिहार के भूमि सुधार मंत्री चाहते हैं दोबारा हो भूमिहीन परिवारों का सर्वे, जानें क्या है मामला

Updated at : 17 Dec 2020 8:59 AM (IST)
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बिहार के भूमि सुधार मंत्री चाहते हैं दोबारा हो भूमिहीन परिवारों का सर्वे, जानें क्या है मामला

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ‘अभियान बसेरा’ कार्यक्रम के तहत भूमि विहीन परिवारों एवं व्यक्तियों को घर बनाने के लिए पांच डिसमिल की दर से वासभूमि उपलब्ध करायी जाती है.

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पटना. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री, राम सूरत कुमार ने भूमिहीन परिवारों को घर बनाने को जमीन उपलब्ध कराने के काम को प्राथमिकता पर करने का आदेश दिया है.

यह भी कहा कि विभाग दोबारा सर्वे कराकर यह देख ले कि भूमिहीन परिवार के बच्चों के वयस्क होने के बाद उनको एक अलग यूनिट माना जाये. उनके लिए भी अलग से वास की जमीन दी जाये.

मंत्री ने बुधवार को विभाग के ‘अभियान बसेरा’ कार्यक्रम की समीक्षा बैठक कर रहे थे. विशेषकर बाढ़ग्रस्त इलाकों में बांधों पर शरण लिए परिवारों पर विशेष ध्यान देने के भी निर्देश दिये हैं.

राज्य में 16356 परिवार ऐसे हैं, जिनको घर बनाने के लिए पांच डिसमिल तक भूमि सरकार द्वारा दी जानी है. पूरे बिहार में बेदखल परिवारों की संख्या 58182 है. इसमें से पिछले माह तक 50834 परिवारों को आवंटित जमीन पर दखल दिलाया गया है.

7478 परिवारों को दखल दिलाने का काम शेष है.राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ‘अभियान बसेरा’ कार्यक्रम के तहत भूमि विहीन परिवारों एवं व्यक्तियों को घर बनाने के लिए पांच डिसमिल की दर से वासभूमि उपलब्ध करायी जाती है.

समीक्षा बैठक में 534 अंचलों में से 8758 हल्का की मासिक रिपोर्ट पेश की गयी. इसमें 4015 हल्का में कोई भी परिवार ऐसा नहीं है कि उसके पास वासभूमि नहीं हो. बाकी हल्का में कुल 83099 परिवार के पास घर बनाने के लिए भूमि नहीं थी, जिसमें 67809 परिवारों को जमीन दे दी गयी है.

अपर मुख्य सचिव, विवेक कुमार सिंह ने पात्रों को जल्द वास के लिए भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. साथ ही जिस अंचल की रिपोर्ट शून्य है, वहां के सीओ से स्पष्टीकरण पूछा जाये.

Posted by Ashish Jha

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