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Bihar Vidhan Sabha Chunav Date 2020 : ‘मिनी चित्तोड़गढ़’ का कौन बनेगा ‘महाराणा’, ज्ञानू की राह में अपने ही रोड़े

Updated at : 10 Oct 2020 1:46 PM (IST)
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Bihar Vidhan Sabha Chunav Date 2020 : ‘मिनी चित्तोड़गढ़’ का कौन बनेगा ‘महाराणा’, ज्ञानू की राह में अपने ही रोड़े

Bihar Vidhan Sabha Chunav Date 2020 : पटना जिले के बाढ़ विधानसभा क्षेत्र को ‘मिनी चित्तोड़गढ़’ भी कहा जाता है.

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पटना/बाढ़ : पटना जिले के बाढ़ विधानसभा क्षेत्र को ‘मिनी चित्तोड़गढ़’ भी कहा जाता है. लगातार चुनावों में यहां से राजपूत उम्मीदवारों के बीच ही मुकाबला रहा है. क्षेत्र के वर्तमान विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू लगातार तीन चुनावों से जीतते आ रहे हैं. मगर, चौथी बार उनकी जीत की राह में अपने ही रोड़ा बन खड़े हैं. महागठबंधन से कांग्रेस ने स्थानीय राजपूत उम्मीदवार सत्येंद्र बहादुर को उतारा है. उनको राजद के आधार वोट यादव के साथ ही कांग्रेस के सवर्ण वोटों के सहारे जीत की उम्मीद है.

दो बार जदयू, तीसरी बार भाजपा के टिकट पर जीते ज्ञानू : वर्ष 2005 और वर्ष 2010 के विधानसभा चुनाव में ज्ञानू ने जदयू के टिकट पर करीब 13.5 हजार और 19.5 हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. दोनों ही चुनावों में उन्होंने राजद उम्मीदवारों को हराया. मगर वर्ष 2015 में जदयू का राजद से गठबंधन होने पर उन्होंने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की, पर इस बार जीत का अंतर घट कर मात्र 8359 वोट रह गया.

भाजपा उम्मीदवार ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू की राह आसान नहीं दिख रही है. उनकी राह में कल तक कदम से कदम मिलाकर चलने वाले बाढ़ भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष राणा सुधीर सिंह और पंकज कुमार सिंह ने निर्दलीय उतर कर रोड़ा अटका दिया है. राजपूत वोट काटने के लिए अलग-अलग पार्टियों व निर्दलीय सात राजपूत उम्मीदवारों को उतारा गया है.

जाप के प्रत्याशी प्रो श्याम देव सिंह चौहान जमीनी नेता होने का दावा ठोक रहे हैं. वहीं बेऊर जेल में होते हुए भी राजनीतिक चाणक्य कहे जाने वाले विजय कृष्ण की पत्नी प्रतिमा सिन्हा इस बार चुनावी मैदान में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में एंट्री कर चुकी हैं. मैदान में डेढ़ दर्जन प्रत्याशी उतरे हैं. हालांकि स्क्रूटनी व नामांकन वापसी की तिथि अभी बाकी है.

जलनिकासी व नाला निर्माण भी चुनावी मुद्दे : वैसे तो मतदाता जाति के आधार पर बंटे हैं, लेकिन स्थानीय मुद्दे भी उम्मीदवारों के बीच वोटों का अंतर बढ़ाने में मददगार साबित हो सकते हैं. विधानसभा की कई सड़कें मरम्मत के अभाव में गड्ढों में तब्दील हैं. अनुमंडलीय अस्पताल की दुर्दशा से भी लोग नाराज हैं. जलनिकासी एवं नाला निर्माण भी चुनावी मुद्दे बन रहे हैं. क्षेत्र के किसान भी सरकारी नलकूपों की जर्जर हालत को लेकर चिंतित हैं.

पिछले पांच विधानसभा चुनावों में कौन-कौन रहे विधायक

वर्ष जीते उम्मीदवार हारे उम्मीदवार जीत का अंतर

  • 2015: ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, भाजपा मनोज कुमार, जदयू 8359

  • 2010: ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, जदयू विजय कृष्ण, राजद 19395

  • 2005 (अक्तूबर): ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, जदयू अनिल कुमार सिंह, राजद 13636

  • 2005 (फरवरी): लवली आनंद, जदयू योगेंद्र प्रसाद यादव, निर्दलीय 7412

  • 2000 : भुवनेश्वर प्रसाद सिंह, समता पार्टी विजय कृष्ण, राजद 26594

  • 1995: विजय कृष्ण, जनता दल भुवनेश्वर प्रसाद सिंह, एसएपी 3816

  • 1990: विजय कृष्ण सिंह, जनता दल भुवनेश्वर सिंह, निर्दलीय 5813

Posted by Ashish Jha

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