बिहार चुनाव से पहले रघुवंश बाबू ने दिया इस्तीफा, तो राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने लिखा इमोशनल लेटर, यहां पढ़ें दोनों चिट्ठियां
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 10 Sep 2020 7:49 PM
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठतम नेताओं में शुमार और पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेहद करीबी रघुवंश प्रसाद सिंह के बिहार चुनाव से ठीक पहले पार्टी से इस्तीफा देने के कुछ ही घंटे बाद लालू प्रसाद ने उन्हें एक चिट्ठी लिखी. इस इमोशनल लेटर में लालू प्रसाद ने रघुवंश बाबू को याद दिलाया है कि कैसे चार दशक की राजनीति में उनका संबंध राजनीतिक और सामाजिक ही नहीं, बल्कि पारिवारिक भी रहा है.
रांची : राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठतम नेताओं में शुमार और पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेहद करीबी रघुवंश प्रसाद सिंह के बिहार चुनाव से ठीक पहले पार्टी से इस्तीफा देने के कुछ ही घंटे बाद लालू प्रसाद ने उन्हें एक चिट्ठी लिखी. इस इमोशनल लेटर में लालू प्रसाद ने रघुवंश बाबू को याद दिलाया है कि कैसे चार दशक की राजनीति में उनका संबंध राजनीतिक और सामाजिक ही नहीं, बल्कि पारिवारिक भी रहा है.
लालू प्रसाद ने गुरुवार को न्यायिक हिरासत से रघुवंश बाबू को सफेद कागज पर एक चिट्ठी लिखी है. इसमें उन्होंने लिखा है, ‘आपके द्वारा कथित तौर पर लिखी एक चिट्ठी मीडिया में चलायी जा रही है. मुझे तो विश्वास ही नहीं होता. अभी मेरे परिवार और मेरे साथ मिलकर सृजित राजद परिवार आपकी थी. स्वस्थ होकर अपने बीच देखना चाहता हूं.’
राजद सुप्रीमो ने पूरे अधिकार के साथ आगे लिखा है, ‘चार दशकों में हमने हर राजनीतिक, सामाजिक और यहां तक कि पारिवारिक मामलों में मिल-बैठकर ही विचार किया है. आप जल्द स्वस्थ हों. फिर बैठ के बात करेंगे. आप कहीं नहीं जा रहे हैं. समझ लीजिए. आपका लालू प्रसाद.’
Also Read: लालू की किस्मत में क्या: केली बंगला या जेल! झारखंड हाइकोर्ट में होगा फैसला, 11 सितंबर को सुनवाई संभव
इससे पहले रघुवंश प्रसाद सिंह की एक चिट्ठी मीडिया में आयी थी. दिल्ली एक्सप्रेस से 10 सितंबर, 2020 को इस चिट्ठी में रघुवंश बाबू ने जो बातें लिखीं थीं, उसका मजमून इस प्रकार था : सेवा में, राष्ट्रीय अध्यक्ष महोदय, रिम्स अस्पताल, रांची. जननायक कर्पूरी ठाकुर के निधन के बाद 32 वर्षों तक आपके पीठ पीछे खड़ा रहा. लेकिन, अब नहीं.’ इसके नीचे रघुवंश प्रसाद सिंह ने हस्ताक्षर करके 10.09.2020 की तारीख डाली है.
इसके बाद बायीं ओर खाली जगह में वरिष्ठ राजद नेता ने लिखा है, ‘पार्टी नेता, कार्यकर्ता और आम जनों ने बड़ा स्नेह दिये. मुझे क्षमा करें.’ यहां एक बार फिर उन्होंने अपने हस्ताक्षर किये हैं. लाल प्रसाद यादव इस चिट्ठी को कथित चिट्ठी बता रहे हैं. लेकिन, लालू प्रसाद ने जो चिट्ठी लिखी है, वह आधिकारिक है.

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की ओर से लिखी गयी चिट्ठी पर बाकायदा रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार के अधीक्षक के हस्ताक्षर हैं. लालू प्रसाद चूंकि सजायाफ्ता हैं और न्यायिक हिरासत में इलाज करवा रहे हैं, वह जो भी पत्राचार करेंगे, बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा के अधीक्षक के संज्ञान में देने के बाद ही उसे कहीं भेजा जा सकेगा.
Also Read: 2000 रुपये में राजस्थान भेजे जा रहे झारखंड के बच्चे, हेमंत सोरेन ने डीसी और मंत्री को दिये कार्रवाई के निर्देशPosted By : Mithilesh Jha
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










