पनबटा देवी को किया जायेगा सम्मानित

Published at :16 Apr 2017 6:27 AM (IST)
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पनबटा देवी को किया जायेगा सम्मानित

कोइलवर : चंपारण सत्याग्रह के सौ साल पूरे होने पर राज्य सरकार सूबे समेत अन्य राज्यों के स्वतंत्रता सेनानियों व उनके परिजनों को सम्मानित करेगी. इस दौरान कोइलवर प्रखंड के सोनघट्टा निवासी व प्रखर स्वतंत्रता सेनानी स्व हृदयानंद दुबे की 93 वर्षीया पत्नी पनबट्टा देवी भी हैं. स्वतंत्रता सेनानियों को पटना के श्री कृष्ण मेमोरियल […]

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कोइलवर : चंपारण सत्याग्रह के सौ साल पूरे होने पर राज्य सरकार सूबे समेत अन्य राज्यों के स्वतंत्रता सेनानियों व उनके परिजनों को सम्मानित करेगी. इस दौरान कोइलवर प्रखंड के सोनघट्टा निवासी व प्रखर स्वतंत्रता सेनानी स्व हृदयानंद दुबे की 93 वर्षीया पत्नी पनबट्टा देवी भी हैं. स्वतंत्रता सेनानियों को पटना के श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में सम्मानित किया जायेगा. जहां बिहार के 550 और दूसरे राज्यों के 264 स्वतंत्रता सेनानियों को राज्य सरकार सम्मान प्रदान करेगी.

वहीं प्रदेश भर के 2650 वैसे स्वतंत्रता सेनानी जो स्वास्थ्य कारणों से समारोह में शामिल नहीं हो पा रहे हैं उन्हें उनके घर पर सम्मानित किया जायेगा. चंपारण सत्याग्रह के 100वीं वर्षगांठ पर बिहार सरकार देशभर के 3 हजार 5 सौ स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित करने जा रही है. इसमें कोइलवर थाना क्षेत्र के सोनघट्टा निवासी स्वतंत्रता सेनानी स्व हृदयानंद दूबे की 93 वर्षीया पत्नी पनबटा देवी भी है

. जिन्हें 17 अप्रैल को पटना के कृष्ण मेमोरियल हॉल में सम्मानित किया जायेगा. स्वतंत्रता सेनानी के आश्रित पनबटा देवी को चंपारण सत्याग्रह पर सम्मानित किये जाने को लेकर जिलाधिकारी के निर्देश पर कोइलवर बीडीओ सुलेखा कुमारी ने सोनघट्टा गांव पहुंच उनसे उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली.

पनबटा देवी के लंबे समय से बीमार होने ले कारण उनके पुत्र शिवनारायण दूबे ने बताया कि चंपारण सत्याग्रह के 100वीं वर्ष पर बिहार सरकार द्वारा सम्मानित करने के लिए निमंत्रण पत्र भेजा गया है लेकिन अस्वस्थ होने के कारण पटना जाने में असमर्थ है. साथ ही कहा कि भोजपुर जिलाधिकारी से अपील की है कि 17 अप्रैल को उनके सोनघट्टा गांव आकर ही सम्मान दिया जाये. 1942 के आज़ादी के दीवाने हृदयानंद दूबे का जन्म कोइलवर के सोनघट्टा गांव में 1921 में हुआ था.
जिन्होंने महात्मा गांधी के आह्वान पर भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभायी थी. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान उन्होंने आरा डाकघर व थाने पर तिरंगा फहराया अंगरेजों को नाको चना चबवा दिया था. स्वतंत्रता सेनानी हृदयानंद दुबे की मृत्यु 1991 में हो गयी. इधर स्वतंत्रता सेनानी स्व दुबे की विधवा पनबटा देवी को चंपारण सत्याग्रह पर सम्मानित किये जाने को लेकर जायजा लेने कोइलवर बीडीओ सुलेखा कुमारी सोनघट्टा गांव पहुंची.
बीडीओ ने सोनघट्टा गांव पहुंच उनसे उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली
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