पानी की खोज में जंगली जानवर पहुंच रहे गांवों में

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 27 Jun 2019 7:16 AM

विज्ञापन

आरा : उदवंतनगर : लगातार घटते जल स्तर और अनावश्यक भू-जल दोहन से जल संकट गहराता जा रहा है. मनुष्य के साथ ही सभी वन्य प्राणी इस जल आपदा से परेशान दिखते हैं. परंपरागत जलस्रोतों का लगातार हो रहा अतिक्रमण इस संकट के कारणों में सबसे प्रमुख है. भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से […]

विज्ञापन

आरा : उदवंतनगर : लगातार घटते जल स्तर और अनावश्यक भू-जल दोहन से जल संकट गहराता जा रहा है. मनुष्य के साथ ही सभी वन्य प्राणी इस जल आपदा से परेशान दिखते हैं. परंपरागत जलस्रोतों का लगातार हो रहा अतिक्रमण इस संकट के कारणों में सबसे प्रमुख है. भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से प्रभावित वन्य पशु एक- एक कर प्राण त्यागने को मजबूर हैं. इस जल आपदा की ओर से प्रशासन और स्वंयसेवी संस्थाएं मुंह मोड़े हुए हैं.

प्रखंड क्षेत्र के वन्य पशुओं की शरण स्थली कहलाने वाला कोहड़ा बांध अब विरान हो चुका है. सालों जल से भरा रहनेवाला इस चार किलोमीटर लंबे जमींदारी बांध में अब एक बूंद भी पानी नहीं दिखता, जिससे वन्य प्राणी अपनी प्यास बुझा सके. आहर, पइन, नहर, पोखर आदि सूखे पड़े हैं.
विगत वर्षों में जो आहर, पोखर, बांध जल से भरे होते थे. अब उनके जल संग्रहण क्षेत्र में बड़ी- बड़ी दरारें देखी जा सकती है. आलम यह है कि वन्य पशुओं को गांवों की ओर रूख करना पड़ता है. नीलगाय एवं अन्य जंगली जानवर पानी की तलाश में गांवों में आ जाते हैं तथा जेठुआ फसलों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं. सियार आदि जानवरों के काटने की कई घटनाएं उजागर हुई हैं. आलम अगर यही रहा, तो वन्य जीव का संकट और गहराना तय माना जा रहा है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन