आरा : हिंदू समाज में कोई भी नहीं है अछूत...जानिए मोहन भागवत ने ऐसा क्यों कहा
Updated at : 05 Oct 2017 6:47 AM (IST)
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आरा : अंतरराष्ट्रीय धर्म सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हिंदू समाज में अछूत कोई नहीं है. जाति के आधार पर भेदभाव नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि रुढ़ियों को बदलने में संकोच नहीं करना चाहिए. श्रद्धा से हर चीज संभव है. मुझे संदेश नहीं देना है. संदेश तो […]
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आरा : अंतरराष्ट्रीय धर्म सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हिंदू समाज में अछूत कोई नहीं है. जाति के आधार पर भेदभाव नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि रुढ़ियों को बदलने में संकोच नहीं करना चाहिए. श्रद्धा से हर चीज संभव है. मुझे संदेश नहीं देना है. संदेश तो सनातन परंपरा का है. उस परंपरा के संदेश का स्मरण करने और उसके अनुसार आचरण करने से ही समाज और देश का भला संभव है.
परिस्थितियां बदल सकती हैं, कभी अनुकूल हो सकती हैं, कभी प्रतिकूल हो सकती हैं, लेकिन श्रद्धा रख कर कार्य करने से हमेशा भला ही होता है. भागवत ने कहा कि मानव को बाहर नहीं, अपने अंदर देखना चाहिए और उसके अनुसार अच्छा कार्य करना चाहिए. प्रह्लाद का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भगवान पर श्रद्धा होने के कारण हिरण्यकश्यप उनका बाल बांका नहीं कर सका. प्रह्लाद ने कहा कि मुझे अपने नारायण पर भरोसा है.
मैं वही करूंगा, जो वह चाहते हैं. भागवत ने कहा कि ऋषियों, संतों, गुरुओं का संदेश कभी नहीं छोड़ना चाहिए. इनके संदेश के अनुसार आचरण करने से ही मानव और समाज का कल्याण संभव है. श्रद्धा की परीक्षा होती है, पर श्रद्धा हमेशा विजय प्राप्त करती है. इसकी हार कभी नहीं होती. उन्होंने कहा कि रामानुजाचार्य ने समाज में अछूत कहनेवाले लोगों को अपनाया और उन्हें मंदिर में प्रवेश कराया.
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