bhagalpur news. कलश स्थापना के साथ वासंतिक नवरात्र आज से

चैत्र शुक्ल पक्ष 19 मार्च गुरुवार को वासंतिक नवरात्र (चैत्र नवरात्र) कलश स्थापना के साथ शुरू हो जायेगा. इसी के साथ ही गुरुवार से विक्रम संवत 2083 वर्ष शुरू हो जायेगा.
चैत्र शुक्ल पक्ष 19 मार्च गुरुवार को वासंतिक नवरात्र (चैत्र नवरात्र) कलश स्थापना के साथ शुरू हो जायेगा. इसी के साथ ही गुरुवार से विक्रम संवत 2083 वर्ष शुरू हो जायेगा. नवरात्र शुरू होने के साथ ही हिंदू संवत्सर के अनुसार नववर्ष शुरू होगा. इस दिन सनातनी घर के मुख्य द्वार या छत पर ध्वज निशान भी लगायेंगे. इसे लेकर सारी तैयारी लगभग पूरी कर ली गयी है. शहर के बूढ़ानाथ मंदिर, मशाकचक स्थित दुर्गाबाड़ी, मानिक सरकार घाट रोड स्थित कालीबाड़ी, मानिकपुर, मोहनपुर दुर्गा स्थान, कर्णगढ़ मनसकामनानाथ, तिलकामांझी चौक समेत 10 से अधिक स्थानों पर मां दुर्गा पूजा की भव्य तैयारी की गयी है. कहीं दुर्गा सप्तशती के पाठ गूंजेंगे, तो कहीं मां दुर्गा के भजन. प्रबंधक बाल्मिकी सिंह ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन बूढ़ानाथ मंदिर में प्रात: कलश स्थापना के साथ ही हर रोज दुर्गा सप्तशती पाठ होना शुरू हो जायेगा. दुर्गाबाड़ी एवं कालीबाड़ी में बांग्ला विधि-विधान से पूजा होगी. मानिकपुर दुर्गा पूजा समिति के आयोजक हरिशंकर सहाय ने बताया कि 19 मार्च को कलश स्थापना के साथ ही पूजा शुरू होगी. महाष्टमी पर 26 को कलाकारों द्वारा जागरण का आयोजन होगा. 27 को रामनवमी मनायी जायेगी. तिलकामांझी चौक समीप महावीर मंदिर में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जायेगी. छठी पूजा पर मां दुर्गा की प्रतिमा वेदी पर स्थापित की जायेगी. अष्टमी, नवमी व दशमी को महाभोग लगेगा. कालीबाड़ी के महासचिव विलास बागची ने बताया कि पंचमी तिथि पर 23 मार्च को प्रतिमा वेदी पर स्थापित की जायेगी. सप्तमी पर सैकड़ों हांडी भोग लगाया जायेगा. अष्टमी व नवमी पर हांडी भोग लगेगा. सप्तमी पर खिचड़ी, अष्टमी पर पुलाव व नवमी को खिचड़ी का भोग लगेगा. दुर्गाबाड़ी पूजा कमेटी के संयुक्त सचिव निरूपम कांति पाल ने बताया कि मां दुर्गा की पूजा धूमधाम से होगी. नवरात्र के दौरान विशेष आयोजन होंगे. अलीगंज सार्वजनिक चैती दुर्गा स्थान हाट समिति की ओर से पहली पूजा को कलश स्थापना होगी. कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त चैत्र नवरात्रि की शुरुआत चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है. इस साल प्रतिपदा तिथि 19 मार्च गुरुवार को सुबह 6 बजकर 53 मिनट से शुरु होकर अगले दिन 20 मार्च शुक्रवार की सुबह 4 बजकर 53 मिनट पर समाप्त होगी. 19 मार्च को सूर्योदय के बाद प्रतिपदा तिथि लग रही है. अगले दिन सूर्योदय से पहले समाप्त हो रही है. इस कारण प्रतिपदा तिथि का क्षय हो रहा है. ऐसे में 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत मानी जायेगी. इस बार घट स्थापना के लिए दो अत्यंत शुभ मुहूर्त बन रहे हैं. पहला मुहूर्त है चौघड़िया मुहूर्त, जो सुबह 6 बजकर 53 मिनट से शुरु होकर सुबह 7 बजकर 56 मिनट तक रहेगा. दूसरा मुहूर्त दोपहर बाद का बन रहा है. दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त बन रहा है, जो कलश स्थापना के लिए शुभ है.
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