कहलगांव की बेटी ने यूके में रखा भारत का पक्ष, मृत्यु के बाद डेटा अधिकारों पर हुई चर्चा

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कहलगांव की बेटी ने यूके में रखा भारत का पक्ष, मृत्यु के बाद डेटा अधिकारों पर हुई चर्चा

यूनिवर्सिटी ऑफ लेस्टर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शोधार्थी साक्षी प्रिया

UK Research Presentation: साक्षी प्रिया कहलगांव नगर के एलसीटी घाट निवासी आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. मुकेश कुमार मिश्र की पुत्री हैं. वर्तमान में वह अमिटी विश्वविद्यालय, पटना से विधि (एलएलएम) की पढ़ाई कर रही हैं तथा पटना उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में भी सक्रिय हैं.

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कहलगांव (भागलपुर) से ऋषि कांत मिश्र की रिपोर्ट:

UK Research Presentation: भागलपुर जिले के कहलगांव की बेटी साक्षी प्रिया ने अंतरराष्ट्रीय अकादमिक मंच पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराते हुए देश और क्षेत्र का नाम रोशन किया है. ब्रिटेन के प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ लेस्टर में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक कार्यक्रम में उन्होंने अपने शोधपत्र का सफल प्रस्तुतीकरण किया, जिसे उपस्थित शिक्षाविदों और शोधार्थियों ने काफी सराहा.

साक्षी प्रिया कहलगांव नगर के एलसीटी घाट निवासी आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. मुकेश कुमार मिश्र की पुत्री हैं. वर्तमान में वह अमिटी विश्वविद्यालय, पटना से विधि (एलएलएम) की पढ़ाई कर रही हैं तथा पटना उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में भी सक्रिय हैं.

मृत्यु के बाद डेटा अधिकारों पर किया शोध

कार्यक्रम में साक्षी ने “डिजिटल परलोक अधिकार: मृत्युोपरांत डेटा निष्कर्षण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित पुनर्निर्माण और विधिक व्यक्तित्व का भविष्य” विषय पर अपना शोधपत्र प्रस्तुत किया. शोध में डिजिटल युग में व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके डेटा, एआई तकनीक के माध्यम से डिजिटल पुनर्निर्माण तथा उससे जुड़े कानूनी और नैतिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई.

पीएचडी शोधार्थियों के बीच मिला मंच

इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि यह मुख्य रूप से पीएचडी शोधार्थियों के लिए आयोजित किया गया था. इसके बावजूद साक्षी प्रिया का चयन इस प्रतिष्ठित मंच के लिए हुआ, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. प्रस्तुतीकरण के दौरान उनके शोध की गुणवत्ता और विषय की प्रासंगिकता की विशेषज्ञों ने सराहना की.

आगे के शोध कार्यों को मिला नया मार्ग

कार्यक्रम के दौरान साक्षी को अंतरराष्ट्रीय शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं से संवाद का अवसर मिला. साथ ही पीएचडी और उच्च स्तरीय शोध कार्यों से संबंधित महत्वपूर्ण मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ. अकादमिक सहयोग और भविष्य के शोध अवसरों पर भी चर्चा हुई.

परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल

साक्षी की इस उपलब्धि पर उनके माता-पिता, शिक्षकों, विश्वविद्यालय परिवार तथा शुभचिंतकों ने खुशी व्यक्त की है. स्थानीय लोगों ने इसे कहलगांव और बिहार के लिए गर्व का क्षण बताया है.

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Shruti Kumari

लेखक के बारे में

By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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