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Bhagalpur news सड़क दुर्घटना में दो शिक्षक घायल

Updated at : 11 Dec 2025 1:14 AM (IST)
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Bhagalpur news सड़क दुर्घटना में दो शिक्षक घायल

नवगछिया अजीत शर्मा पेट्रोल पंप के समीप बुधवार की सुबह बाइक दुर्घटना में अर्जुन कॉलेज मदरौनी के दो शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गये.

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नवगछिया अजीत शर्मा पेट्रोल पंप के समीप बुधवार की सुबह बाइक दुर्घटना में अर्जुन कॉलेज मदरौनी के दो शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गये. घायल शिक्षकों की पहचान उर्दू बाजार के जयचंद्र के पुत्र टीपू कुमार तथा भीखनपुर के अमित कुमार के रूप में हुई है. दोनों शिक्षक प्रतिदिन की तरह भागलपुर से बाइक से अर्जुन कॉलेज जा रहे थे. जैसे ही उनकी बाइक पेट्रोल पंप के पास पहुंची, सड़क पर अचानक नील गाय तेज़ी से दौड़ते सामने आ गयी. मवेशी से बचने के प्रयास में बाइक असंतुलित होकर सड़क पर गिर गयी, जिससे दोनों शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गये. स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को तुरंत अनुमंडल अस्पताल नवगछिया पहुंचाया. चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार कर गंभीर स्थिति को देख बेहतर इलाज के लिए भागलपुर मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया.

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर आजीविका व आवास अधिकार पर संवाद

परिधि संस्था ने जल श्रमिक संघ के सहयोग से कागजी टोला, कहलगांव में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर “आजीविका और आवास अधिकार–मानवाधिकार” विषयक संवाद हुआ. अध्यक्षता राजू सहनी तथा संचालन योगेंद्र सहनी ने किया. परिधि के निदेशक उदय ने मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा 10 दिसंबर 1948 का उल्लेख करते हुए कहा कि मानवाधिकार प्राकृतिक अधिकार हैं, किसी सरकार की देन नहीं. आजीविका और आवास का अधिकार, जीने और सम्मान के अधिकार से सीधे जुड़ा है. इसलिए सरकारें इन्हें सुनिश्चित करने के लिए बाध्य हैं. उन्होंने कहा कि सुरक्षित आजीविका के बिना स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की आजादी, धार्मिक स्वतंत्रता और समानता जैसे अधिकार सार्थक नहीं हो सकते. पर्यावरण और जलवायु संतुलन जीवन के अधिकार का अनिवार्य हिस्सा है. उन्होंने कहा कि राज्य मानवाधिकारों का रक्षक होते हुए कई बार सेना, पुलिस या प्रशासन के माध्यम से उल्लंघनकर्ता बन जाता है. योगेंद्र सहनी ने बच्चों, महिलाओं, थर्ड जेंडर, दलित-पिछड़ा, जनजाति, अल्पसंख्यक, बुजुर्ग, दिव्यांग और पारंपरिक पेशेवर समुदायों के अधिकारों को मूल मानवाधिकार बताया. सुनील सहनी ने कहा कि कई बार पर्यावरण या सौंदर्यीकरण के नाम पर गरीबों, खास कर मछुआरों की आजीविका प्रभावित होती है. मौके पर फेकिया देवी, देवेश सहनी, नितेश कुमार और जूली देवी ने सक्रिय भूमिका निभायी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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