टीएमबीयू के एसओ पर गलत तरीके से वेतन लेने की शिकायत, जिला लोक शिकायत निवारण कोषांग ने शुरू की जांच

Updated:
विज्ञापन
टीएमबीयू के एसओ पर गलत तरीके से वेतन व प्रोन्नति लेने के आरोप की जांच कर रही जिला लोक शिकायत निवारण कोषांग

टीएमबीयू का प्रशासनिक भवन.  | Prabhat Khabar Network

Bhagalpur University News : टीएमबीयू के सेक्शन ऑफिसर सर्वानंद प्रसाद पर अनुकंपा नियुक्ति और उच्च पद के अनुरूप वेतन लेने के गंभीर आरोप लगे हैं. एक महिला शिकायतकर्ता ने जिला लोक शिकायत निवारण कोषांग में आवेदन कर सरकारी खजाने को लाखों के नुकसान का दावा किया है. मामले की जांच शुरू हो गई है और विश्वविद्यालय प्रशासन को पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है.

विज्ञापन

Bhagalpur University News : टीएमबीयू के सेक्शन ऑफिसर सर्वानंद प्रसाद पर नियुक्ति और वेतन से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं. एक महिला शिकायतकर्ता ने जिला लोक शिकायत निवारण कोषांग में आवेदन देकर आरोप लगाया है कि कर्मचारी ने नियुक्ति संबंधी अभिलेख छिपाकर उच्च पद के अनुरूप वेतन प्राप्त किया. मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन को भी अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है.

शिकायत में लगाए गए गंभीर आरोप

महिला शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि सर्वानंद प्रसाद की वर्ष 1994 में अनुकंपा के आधार पर चतुर्थवर्गीय कर्मचारी के रूप में माली के पद पर नियुक्ति हुई थी. इसके बाद वर्ष 1995 में उन्होंने तृतीयवर्गीय कर्मचारी के रूप में नियुक्ति प्राप्त कर ली. शिकायतकर्ता ने दोनों नियुक्तियों से जुड़े दस्तावेज भी आवेदन के साथ संलग्न करने का दावा किया है.

आज होगी मामले की सुनवाई

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला लोक शिकायत निवारण कोषांग ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है. बुधवार को इस मामले की सुनवाई होगी, जिसमें विश्वविद्यालय प्रशासन को भी अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है.

एसओ ने आरोपों को बताया निराधार

पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सेक्शन ऑफिसर सर्वानंद प्रसाद ने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और गलत बताया है. उनका कहना है कि उनकी नियुक्ति नियमों के अनुरूप हुई है और उससे संबंधित सभी वैध दस्तावेज उनके पास उपलब्ध हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ यह शिकायत एक साजिश के तहत की गई है. साथ ही उन्होंने शिकायतकर्ता के पदोन्नति संबंधी मामलों पर भी सवाल उठाए हैं.

शिकायतकर्ता ने नियमों का दिया हवाला

शिकायतकर्ता ने राज्य सरकार के वर्ष 1990 के नियमों का हवाला देते हुए कहा है कि अनुकंपा के आधार पर नियुक्त कर्मचारी को दोबारा अनुकंपा का लाभ नहीं दिया जा सकता. आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि चतुर्थवर्गीय कर्मचारी के लिए प्रोन्नति या संवर्ग परिवर्तन का कोई प्रावधान नहीं है.

अभिलेख छिपाकर वेतन लेने का आरोप

आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि कर्मचारी ने अपनी पहली नियुक्ति से संबंधित अभिलेखों को छिपाकर वेतन सत्यापन कराया और उसके आधार पर सहायक पद के अनुरूप वेतन प्राप्त करते रहे. शिकायतकर्ता का दावा है कि इससे कई वर्षों तक सरकारी कोष से उच्च वेतन का भुगतान हुआ और सरकारी खजाने को लाखों रुपये की वित्तीय क्षति पहुंची.

फिलहाल मामले की जांच जिला लोक शिकायत निवारण कोषांग द्वारा की जा रही है. जांच पूरी होने और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के बाद ही आरोपों की सत्यता और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी.


विज्ञापन
आरफीन जुबैर

लेखक के बारे में

By आरफीन जुबैर

आरफीन जुबैर प्रिंट माध्यम में पिछले 16 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक आज से की. अभी प्रभात खबर के भागलपुर कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा और खेल में रुचि रखते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन