bhagalpur news. हज का सफर सबसे कीमती, मतलब वाला और यादगार : असजद नज़री नजर

हज करने वाले श्रद्धालुओं को दिया गया प्रशिक्षण.
— मदरसा अरबिया इहयाउलूम नाथनगर में हज ट्रेनिंग कैंप का आयोजन नाथनगर स्थित मदरसा अरबिया इहया उलूम में गुरुवार को हज ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया गया. मौके पर मौलाना असजद नाजरी नजर ने कहा कि दो पवित्र मस्जिदों का सफर सबसे कीमती, मतलब वाला और यादगार है, जो लोग इस सफर पर जाते हैं खुशकिस्मत होते हैं. उन्हें अपनी अच्छी किस्मत पर गर्व करने का हक है. बहुत से लोग ऐसे हैं, जो अपनी कोशिशों और चाहतों के बावजूद इसमें शामिल नहीं हो पाते. बहुत से लोग ऐसे हैं, जो इस सफर की चाहत में दुनिया से बहुत दूर चले जाते हैं. उन्होंने कहा कि मक्का मुसलमानों की भक्ति और प्यार का सेंटर है. अल्लाह का घर इस मुबारक शहर में है, बल्कि इसी घर की वजह से यह शहर मुबारक बना है. किसी को भी बिना एहराम पहने इस शहर में आने की इजाजत नहीं है. मुसलमान इस शहर से इसलिए भी प्यार करते हैं, क्योंकि यह उनके महान और गौरवशाली पैगंबर मुहम्मद साहेब का जन्मस्थान है. वहीं, मुफ्ती इलियास अलकासिमी ने उमराह का तरीका बताते हुए कहा कि उमराह में दो फर्ज और दो वाजिब हैं. एहराम और तवाफ फर्ज हैं. हाजी उमर फारूक ने कहा कि हज का सफर संघर्ष का सफर है. हज करके आना चाहिए और शरीयत के आदेशों का ईमानदारी और सही तरीके से पालन करने की भावना के साथ लौटना चाहिए. मदरसे के शिक्षा निदेशक मौलाना मंजूर अहमद कासमी ने उमराह की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया. ट्रेनर मौलाना अत्ताउर रहमान मिफ्ताही ने कहा कि बहुत से लोग हज के तीसरे दिन लौटते हैं. इसलिए उन्हें हज से पहले नफ्ल तवाफ करना चाहिए. मुफ़्ती कासमी की दुआ पर प्रोग्राम खत्म किया गया.
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