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स्टिंग ऑपरेशन: भागलपुर DTO ऑफिस के दलाल कैमरे में कैद, 200 रुपए में बनवाते हैं कोई भी सर्टिफिकेट

Updated at : 16 May 2024 10:34 AM (IST)
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स्टिंग ऑपरेशन: भागलपुर DTO ऑफिस के दलाल कैमरे में कैद, 200 रुपए में बनवाते हैं कोई भी सर्टिफिकेट

Sting Operation: बिहार के भागलपुर DTO ऑफिस के दलाली का खेल प्रभात खबर के कैमरे में कैद हो गया.

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अंकित आनंद, भागलपुर

दर्जनों प्रयासों के बावजूद जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ) में दलाली का खेल और दलालों का बोलबाला खत्म नहीं हो रहा है. रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, ट्रांसफर, लाइसेंस, रिन्यूअल आदि सभी कार्यों को करवाने के लिए दलालों की फीस तय है. हर स्तर पर कमीशन बंधा होता है. इधर दलाल भी डीटीओ कार्यालय परिसर या उसके इर्द गिर्द मंडराते रहते हैं. 3040 रुपये में बननेवाले ड्राइविंग लाइसेंस के लिए दोगुना से भी ज्यादा पैसे आवेदकों से वसूला जाता है. सुविधा के लिए आवेदकों के ड्राइविंग लर्निंग क्लास का सर्टिफिकेट बनवाने से लेकर ड्राइविंग टेस्ट पास कराने तक का ठेका ये दलाल उठा लेते हैं. डीटीओ कार्यालय में दलाली के इस खेल की टोह लेने प्रभात खबर की टीम बुधवार को पहुंची थी. यहां प्रभात खबर के कैमरे में कई दलाल सहित कर्मचारी तक कैद हुए.

प्रभात खबर की टीम ने दलाली का खेल पकड़ा

बुधवार को प्रभात खबर की टीम ने डीटीओ कार्यालय पहुंचने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया के बारे में कई काउंटरों पर पूछा. जहां कर्मी एक से दूसरे काउंटर पर भेजते रहे. इस काउंटर से उस काउंटर भटकता देख एक व्यक्ति ने टोका तो मदद की आस जगी. काउंटर के पास खड़े व्यक्ति ने डीटीओ कार्यालय के बाद चाय की रेड़ी पर जाने की सलाह दी और कहा कि वहां पर जाने पर आसानी से आपका लाइसेंस बन जायेगा. रेड़ी पर पहुंचने पर वहां दो व्यक्ति बैठे मिले. उक्त लोगों से पूछने पर उनमें से एक ने कहा कि डीटीओ कार्यालय का कोई भी काम हो जायेगा. कुछ ही देर हुई बातचीत में यह समझ आ चुका था कि बात करने वाला व्यक्ति डीटीओ कार्यालय का दलाल था.

7000 में ड्राइविंग लाइसेंस, 200 रुपए में कोई भी जाली रिपोर्ट

कार्यालय से बाहर निकलने वाले हर बाबू को वह प्रणाम करता था और दिये गये काम में हुई प्रगति के बारे में पूछता था. दलाल ने डीटीओ में अधिकारियों और बाबूओं के कमीशन का हवाला देते हुए पहले तो 8 हजार रुपये में टू व्हीलर एलएमवी के ड्राइविंग लाइसेंस का रेट बताया. मोल भाव करने के बाद 7 हजार रुपये में ड्राइविंग लाइसेंस बनवा कर घर पहुंचाने तक का रेट बताया. साथ ही लगने वाले सभी दस्तावेज की जानकारी देते हुए उसने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट, आइ विजन रिपोर्ट, एजुकेशनल सर्टिफिकेट, ब्लड ग्रुप रिपोर्ट आदि सभी नहीं होने पर प्रत्येक दस्तावेज जाली निकलवाने में 200 रुपये अलग से लगेंगे. इसके बाद दलाल ने अपना फोन नंबर देते हुए कहा कि इससे कम रेट में यहां कोई और लाइसेंस नहीं बनवायेगा.

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हफ्तों तक लगाता रहा चक्कर, दलाल ने एक दिन में कराया काम

स्टिंग के दौरान डीटीाओ कार्यालय में एक युवक मिला. उससे पूछने पर उसने बताया कि उसका नाम रजनीश है और लखीसराय का रहने वाला है. उसने कुछ साल पहले ही भागलपुर में काम करने के दौरान लोन पर गाड़ी खरीदी थी. सारे किश्त चुकाने के बाद बैंक का सर्टिफिकेट लेकर वह पिछले कुछ सप्ताह से अपनी गाड़ी को हाइपो मुक्त कराने के लिए चक्कर लगा रहा था. कभी उन्हें बाद में आने की बात कही जाती थी तो कभी डीटीओ के द्वारा ही उक्त दस्तावेज में साइन कराने की बात कही जाती.

दलाल को पकड़ने से आसान हो जाता है काम

प्रिंस ने बताया कि लखीसराय से बार-बार आ पाना उसके लिए मुमकिन नहीं था. इसलिए उसने डीटीओ कार्यालय परिसर में ही एक दलाल को पकड़ा. उसे एक हजार रुपये देकर काम कराने का जिम्मा दे दिया. दलाल ने उन्हें एक सप्ताह के भीतर काम करा देने का आश्वासन दिया है.

दो दर्जन से अधिक दलाल हैं सक्रिय, कई छोटे-मोटे दलाल भी करवा देते हैं काम

डीटीओ कार्यालय परिसर पहुंचने पर टीम ने पाया कि वहां आवेदकों से ज्यादा दलालों की कतार थी. हालांकि कुछ लोगाें का कहना था कि चालान काटने का समय खत्म होने की वजह से आवेदकों की भीड़ कम है. डीटीओ कार्यालय के पास के ही एक चाय दुकानदार से पूछने पर उसने बताया कि वर्तमान में दो दर्जन से अधिक दलाल कार्यालय में सक्रिय हैं. कुछ दलाल सीधा बड़े अधिकारी से बात करते हैं. तो अधिकांश दलाल छोटे-मोटे कर्मचारियों के भरोसे काम कराते हैं. सभी लगभग एक लाइसेंस बनवाने के लिए एक से डेढ़ महीने का वक्त लेते हैं. हालांकि इसमें कितनी सच्चाई यह जांच का विषय है.

दलाल से हुई बातचीत :

  • रिपोर्टर : अपने साथ 3-4 लोगों का ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना है.
  • दलाल : हो जायेगा. आधार कार्ड, पैन कार्ड, ब्लड ग्रूप, फोटो, स्कूल सर्टिफिकेट लगेगा, 8 हजार में हो जायेगा.
  • रिपोर्टर : आधार कार्ड के अलावा कुछ नहीं है. दूसरे का जिसका बनवाना है वो पढ़ाई नहीं किया है.
  • दलाल : कोई बात नहीं है, सब हो जायेगा. स्कूल सर्टिफिकेट, मेडिकल व ब्लड रिपोर्ट के लिए दो-दो सौ रुपये दे दीजियेगा.
  • रिपोर्टर : कुछ कम नहीं होगा है. अलग से भी देना पड़ेगा सर्टिफिकेट सब के लिए.
  • दलाल : किसी को बताइयेगा नहीं, 7 हजार में कर देंगे. पर सर्टिफिकेट का अलग से देना पड़ेगा.
  • रिपोर्टर : ऊपर तक सब मैनेज हो जायेगा न, कहीं कोई दिक्कत नहीं होगा न?
  • दलाल : सब हो जायेगा, ऊपर तक सबको देना पड़ता है. ड्राइविंग टेस्ट और सर्टिफिकेट भी मैनेज हो जायेगा.
  • रिपोर्टर : कब आना होगा, आवेदन करने के लिए.
  • दलाल : मेरा नंबर रख लिजिये, जब भी डॉक्यूमेंट सब लेकर आइयेगा, उस समय फोन कर लीजियेगा. डीटीओ कार्यालय में या आसपास ही रहेंगे.
  • रिपोर्टर : कब तक ड्राइविंग लाइसेंस आ जायेगा.
  • दलाल : आप बस पैसा दे दीजिये, सारी प्रक्रिया हो जायेगी. सिर्फ आपको सिग्नेचर करने आना पड़ेगा. लाइसेंस डाक से घर पहुंच जायेगा.
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ThakurShaktilochan Sandilya

लेखक के बारे में

By ThakurShaktilochan Sandilya

डिजिटल मीडिया का पत्रकार. प्रभात खबर डिजिटल की टीम में बिहार से जुड़ी खबरों पर काम करता हूं. प्रभात खबर में सफर की शुरुआत 2020 में हुई. कंटेंट राइटिंग और रिपोर्टिंग दोनों क्षेत्र में अपनी सेवा देता हूं.

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