बाबा अजगैबीनाथ धाम में बदलेगी जलार्पण व्यवस्था, पहली बार आधुनिक अरघा सिस्टम से मिलेगा धक्का-मुक्की से छुटकारा

Shravani Mela 2026: सुलतानगंज के बाबा अजगैबीनाथ धाम में श्रावणी मेला 2026 से पहले आधुनिक तांबे का अरघा सिस्टम लगाया जाएगा. नई व्यवस्था से जलार्पण के दौरान भीड़, धक्का-मुक्की और लंबी प्रतीक्षा में कमी आने की उम्मीद है.
सुलतानगंज(भागलपुर) से शुभंकर की रिपोर्ट
Shravani Mela 2026: श्रावणी मेला 2026 में सुलतानगंज स्थित बाबा अजगैबीनाथ धाम आने वाले लाखों शिवभक्तों के लिए इस बार बड़ी राहत की तैयारी की जा रही है. हर साल जलार्पण के दौरान गर्भगृह में लगने वाली भीड़, लंबी प्रतीक्षा और धक्का-मुक्की को कम करने के लिए पहली बार मंदिर में आधुनिक तांबे का अरघा सिस्टम स्थापित किया जाएगा.
मंदिर प्रशासन और नगर परिषद ने इस महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू कर दिया है. यदि तय समय पर निर्माण पूरा हो गया तो 30 जुलाई से शुरू होने वाले श्रावणी मेला में श्रद्धालुओं को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, तेज और व्यवस्थित तरीके से बाबा अजगैबीनाथ का जलाभिषेक करने का अवसर मिलेगा.
कार्यपालक पदाधिकारी ने किया निर्माण स्थल का निरीक्षण
नगर परिषद सुलतानगंज के कार्यपालक पदाधिकारी अभिषेक आनंद ने मंदिर परिसर पहुंचकर प्रस्तावित अरघा सिस्टम के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया. उन्होंने तकनीकी टीम के साथ गर्भगृह का मुआयना किया और निर्माण कार्य की प्रगति तथा तकनीकी पहलुओं की समीक्षा की.
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं ताकि श्रावणी मेला शुरू होने से पहले नई व्यवस्था पूरी तरह तैयार हो सके.
Shravani Mela 2026: डीएम के निर्देश पर शुरू हुई पहल
दरअसल, हाल ही में भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने श्रावणी मेला की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया था. इसी दौरान उन्होंने मंदिर में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए जलार्पण व्यवस्था को अधिक वैज्ञानिक, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए थे.
इसी निर्देश के बाद मंदिर के गर्भगृह में आधुनिक अरघा सिस्टम विकसित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है.
कैसी होगी नई व्यवस्था
नई योजना के तहत गर्भगृह में करीब साढ़े चार फीट ऊंची स्टील संरचना तैयार की जाएगी, जिस पर तांबे का विशेष अरघा सिस्टम लगाया जाएगा.
इस व्यवस्था के लागू होने के बाद श्रद्धालु कतारबद्ध तरीके से आगे बढ़ते हुए बिना धक्का-मुक्की के सीधे भगवान शिव पर जल अर्पित कर सकेंगे. इससे गर्भगृह में भीड़ का दबाव कम होगा और जलार्पण की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और व्यवस्थित होगी.
सिर्फ अरघा सिस्टम ही नहीं, पूरी व्यवस्था बदलेगी
कार्यपालक पदाधिकारी अभिषेक आनंद ने बताया कि प्रशासन केवल अरघा सिस्टम तक सीमित नहीं रहेगा. मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन, प्रवेश और निकास मार्ग तथा श्रद्धालुओं की आवाजाही को भी नए सिरे से व्यवस्थित किया जा रहा है.
इसका उद्देश्य यह है कि देशभर से आने वाले लाखों कांवरियों को दर्शन और जलार्पण के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े.
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महंत बोले- श्रद्धालुओं को मिलेगा बेहतर अनुभव
निरीक्षण के दौरान मंदिर के स्थानापति महंत प्रेमानंद गिरी भी मौजूद रहे.
उन्होंने कहा कि आधुनिक अरघा सिस्टम श्रावणी मेला की व्यवस्थाओं में एक बड़ा बदलाव साबित होगा. इससे श्रद्धालुओं को अधिक सुविधा मिलेगी और बाबा अजगैबीनाथ धाम की व्यवस्था आधुनिक तथा सुव्यवस्थित स्वरूप में नजर आएगी.
श्रावणी मेला के दौरान हर साल लाखों श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर बाबा अजगैबीनाथ पर जलाभिषेक करने पहुंचते हैं. ऐसे में नई व्यवस्था से भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद की जा रही है.
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