bhagalpur news. परिजनों ने कहा, उन्हें दोनों के रिश्ते के बारे में नहीं थी कोई जानकारी

घटना के बाद पुलिस ने दोनों मृतकों के परिजनों को घटना की जानकारी दी
भागलपुर घटना के बाद पुलिस ने दोनों मृतकों के परिजनों को घटना की जानकारी दी. दोनों मृतकों के शव को पोस्टमार्टम हाउस लाये जाने के बाद परिजन भी वहां पहुंचे. मृत लड़की के पिता ने बताया कि वह मजदूरी कर अपने बाल बच्चों का पालन पोषण और उनकी पढ़ाई लिखाई कराते हैं. मृत बच्ची तीन बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी थी. वह कहलगांव में रह कर इंटर साइंस की पढ़ाई कर रही थी. दो दिन पूर्व ही बेटी ने हालचाल लेने के लिए उन्हें फोन किया था. मां से बात करने की इच्छा जतायी थी. पर मजदूरी को लेकर बाहर होने की वजह से बेटी की बात उसकी मां से नहीं करा पाये थे. उन्हें इस बात की जानकारी बिल्कुल नहीं थी कि उनकी बेटी भागलपुर आयी हुई है. उन्होंने मंगलवार रात मां से बात कराने के लिए बेटी को फोन भी किया पर उसका फोन स्विच ऑफ आ रहा था. बुधवार को वे लोग बेटी को ढूंढने के लिए कहलगांव निकलने वाले थे कि तातारपुर थाना से उन्हें बेटी की मौत होने की जानकारी मिली. उनकी बेटी ने कभी भी किसी से भी शादी करने या प्रेम करने की बात को घर के किसी भी सदस्य से साझा नहीं किया था. इधर रौशन के परिजनों ने बताया कि उसके पिता अशोक यादव नेपाल में रहकर मजदूरी का काम करते हैं. तीन भाई और एक बहन में रौशन दूसरे नंबर पर था. रौशन अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई के साथ वह होटल में काम करता था. रौशन के परिजनों ने भी बताया कि उसने कभी किसी से प्रेम करने या शादी करने की इच्छा जाहिर नहीं की थी. कई बिंदुओं पर उठ रहे सवाल : – मृतकों के शव को उठाने के लिए पुलिस तीन घंटों में एक स्ट्रेचर तक का इंतजाम तक नहीं कर सकी, शव को बांस में रस्सी बांध कर उठाया गया. रस्सी के बार बार टूट जाने की वजह से शव लटक जा रहे थे. जिसको लेकर पुलिस की व्यवस्था पर सवाल उत्पन्न हो रहा है. – दोनों मृतकों के गले पर फंदे का गोल निशान मिला है. जबकि अमूमन आत्महत्या के मामलों में गले पर फंदे का वी (V) निशान बनता है, जो शव पर नहीं पाया गया. ऐसे में आत्महत्या किये जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं. – मृत युवक के नाक से खून निकल रहा था, छाती पर खून और गर्दन पर खून पाया गया है. उसके गले के पिछले भाग में छिला हुआ पाया गया. वहीं लड़की के ठुड्डी पर चोट का निशान मिला है. ऐसे में आत्महत्या को लेकर सवाल उठ रहे हैं. – परिजनों के अनुसार रौशन के मोबाइल में बुधवार दोपहर 1 बजे तक लास्ट सीन या एक्टिव था. जबकि प्रबंधक और परिजनों का कहना था कि उसका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा था. ऐसे में कौन रौशन का मोबाइल इस्तेमाल कर रहा था? – जब मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए लाया गया तो लड़की की जेब से उसका मोबाइल फोन मिला है. ऐसे में घटनास्थल पर पुलिस और एफएसएल द्वारा की जा रही जांच ठीक तरीके से नहीं की गयी. इस वजह से लड़की का मोबाइल उसकी जेब में ही पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंच गया.
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