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Bhagalpur news मार्गशीर्ष माह आध्यात्मिक उन्नति व सशक्तीकरण का अवसर

Updated at : 13 Nov 2025 11:21 PM (IST)
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Bhagalpur news मार्गशीर्ष माह आध्यात्मिक उन्नति व सशक्तीकरण का अवसर

मार्गशीर्ष महीना आध्यात्मिक उन्नति और स्वयं को सशक्त बनाने का एक अद्वितीय अवसर है.

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मार्गशीर्ष महीना आध्यात्मिक उन्नति और स्वयं को सशक्त बनाने का एक अद्वितीय अवसर है. साहित्य वाचस्पति आचार्य राम जी मिश्रा रंजन ने बताया कि यह महीना जप, तप, ध्यान व साधना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है. इस दौरान पवित्र नदियों में स्नान करना और संध्या आराधना करना विशेष रूप से लाभकारी होता है. भगवान श्रीकृष्ण ने भागवद गीता में कहा है कि ””मासानां मार्गशीर्षोsहम्””, अर्थात् मैं मार्गशीर्ष हूं. इसलिए, इस महीने में कृष्ण की उपासना और संकीर्तन का फल अत्यधिक प्रभावी होता है. ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक श्रीकृष्ण को गुरु रूप में पूजने और तुलसी का भोग लगाने से संतान संबंधी समस्याओं का समाधान होता है. मार्गशीर्ष में चंद्रमा से अमृत तत्व की प्राप्ति होती है, जिससे भगवान वासुदेव के विभिन्न स्वरूपों की उपासना इस माह में विशेष रूप से लाभकारी होती है. यह महीना स्कंद पुराण के अनुसार शुद्धीकरण का महीना है, जो भगवान केशव को अत्यंत प्रिय है. भगवान अच्युत को गौ दुग्ध से स्नान कराने से विशेष कृपा प्राप्त होती है. मार्गशीर्ष महीने में गीता का पाठ करना या नियमित रूप से कुछ श्लोकों का पाठ करना अत्यधिक लाभकारी होता है. इस महीने से सतयुग का आरंभ माना जाता है. मार्गशीर्ष माह में महर्षि कश्यप ने कश्मीर की रचना की थी, जिससे यह महीना सबसे ज्यादा परम फलदायी है. स्निग्ध पदार्थों का सेवन वातावरण के अनुसार लाभकारी होता है. तिल और तीसी का सेवन बहुत लाभकारी होता है. इसकी शुरुआत होते ही गर्म कपड़े का उपयोग शुरू कर देना चाहिए. भोजन में घी का सेवन अच्छा होता है. जीरा का सेवन नहीं करना चाहिए और तुरंत सोकर जागने के बाद थोड़ी देर कमरे में रुक कर बाहर आना चाहिए.

मतदान के बाद गांव लौटे मजदूर जाने लगे परदेश

बिहार विस चुनाव का मतदान संपन्न होने के बाद गांव लौटे मजदूर रोजगार को लेकर दिल्ली, अमृतसर, लुधियाना, सूरत जैसे बड़े शहरों की ओर रवाना होने लगे हैं. सुलतानगंज स्टेशन पर प्रवासी मजदूरों ने बताया कि वह हर साल त्योहार के समय घर लौटते हैं, लेकिन इस बार चुनाव को लेकर कुछ दिन अधिक रुकना पड़ा. रोजगार की कमी से फिर से पलायन करना मजबूरी है. जब मतदान और रोजगार को लेकर प्रवासी मजदूरों से बात की गयी, तो उनका कहना था कि उन्होंने इस बार विकास और रोजगार के मुद्दे पर मतदान किया है. मजदूरों ने नयी सरकार से उम्मीद जतायी. प्रवासी मजदूर सोनू कुमार ने कहा कि हमने इस बार रोजगार और विकास के नाम पर वोट किया है, उम्मीद है कि सरकार अब बिहार में काम का माहौल बनायेगी. मो जाकिर खान ने कहा कि हर साल बाहर जाना पड़ता है, चाहत है कि अपने ही राज्य में रोजगार मिले ताकि अपने परिवार के साथ रह सकें. बादल कुमार, मालिक मंडल ने कहा, सरकार अगर रोजगार की व्यवस्था करे, तो पलायन रुक सकता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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